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सागर मध्य प्रदेश: सागर शहर की जलप्रदाय व्यवस्था का संभागीय आयुक्त श्री अनिल सुचारी (आईएएस) ने राजघाट बांध पहुंचकर लिया जायजा।

Editor in Chief: Rajesh Patel (Aapka news Star) 

मध्य प्रदेश: जनवरी 062026

पत्रकार: राजकुमार प्रजापति (अजयगढ़)

सागर शहर की जलप्रदाय व्यवस्था का संभागीय आयुक्त श्री अनिल सुचारी (आईएएस) ने राजघाट बांध पहुंचकर लिया जायजा। 

राजघाट बांध सहित अन्य स्रोतों से नागरिकों को उपलब्ध होने वाले पेयजल के कम से कम 50 सेम्पल प्रतिदिन सागर शहर में चैक करें : संभागीय आयुक्त

संभागीय आयुक्त श्री अनिल सुचारी ने निगमायुक्त के साथ राजघाट बांध का निरीक्षण कर शहर में पेयजल सप्लाई का जायजा लिया।

ब्यूरो.सागर। सागर शहर की जलप्रदाय व्यवस्था का संभागीय आयुक्त श्री अनिल सुचारी (आईएएस) ने राजघाट बांध पहुंचकर जायजा लिया। सोमवार को उन्होंने निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री के साथ राजघाट बांध पहुंचकर पेयजल सप्लाई हेतु एकत्र होने वाले रॉ वॉटर सहित इनटक वेल पंपहॉउस का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान एमपीयूडीसी और नगर पालिक निगम के इंजीनियर्स व अधिकारीयों से राजघाट की जल संग्रहण क्षमता फ़िल्टर प्रक्रिया आदि की जानकारियां विस्तार से लीं।

1800 हेक्टेयर डूब क्षेत्र वाले राजघाट में फूल टेंक होने पर 62 मिलियन घन मीटर पानी एकत्र होता है। राजघाट बांध पर बने जल शोधन संयंत्र से 70 मिलियन लीटर पेयजल प्रतिदिन सप्लाई किया जाता है। संभागीय आयुक्त श्री सुचारी ने एलम डोजिंग टेंक, लाइम डोजिंग टेंक, क्लोरिनेशन चेम्बर, वॉटर टेस्टिंग लेबोरेटरी के साथ राजघाट के सम्पूर्ण जल शोधन संयन्त्र परिसर का निरीक्षण किया और पानी के फिंस्ट्रेशन के दौरान मिलाई जाने वाली एलम और लाइम आदि की प्रक्रिया देखी। उन्होंने टेस्टिंग लेब में उपकरणों सहित आवश्यक केमिकल्स की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए लेब असिस्टेंट से यहां किये जाने वाले समस्त टेस्टों की जानकारी ली।

संभागीय आयुक्त श्री सुचारी ने निर्देशित करते हुए कहा की शासन की गाइड लाइन अनुसार पेयजल सप्लाई हेतु आवश्यक टेस्ट आवश्यक रूप से करायें। नागरिकों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। उन्होंने यहां राजघाट के रॉ-वॉटर की टर्बिडिटी की जानकारी सहित कुल 12 प्रकार के किये जा रहे टेस्टों की रिपोर्ट चैक की। उन्होंने शहर में पेयजल सप्लाई लाइनों के लीकेज सहित एन्ड यूजर यानि जलउपभोक्ता नागरिकों के घर पर पहुंचने वाले पानी की लगातार जाँच करने और बेहतर गुणवत्ता का पेयजल प्रदाय किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

उन्होंने सोमवार को शहर में जांचे गए पानी के सेम्पलों की जानकारी ली और वर्तमान में प्रतिदिन कम से कम 50 जगहों पर पहुंचकर पानी की गुणवत्ता जाँचने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की शहर में जहाँ भी सीवर लाइन और पेयजल सप्लाई लाइन क्रॉस हो रही है या अधिक नजदीक है उन स्थलों की सघन जाँच करें कहीं भी सीबर लाइन पेयजल लाइन के ऊपर से नहीं गुजरना चाहिए। खुली नाली या नालों से गुजरने वाली पाईपलाइनों को क्रमशः हटाकर नाले से दूरी सुनिश्चित कर पेयजल की सुरक्षा व स्वच्छता सुनिश्चित करें, शहर में आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थल पर नई पाईप लाइन बिछाकर पुरानी सप्लाई लाइनों को बंद करें और पूरी तरह हटाएँ।  उन्होंने कहा की राजघाट जल शोधन संयंत्र की लेब टेस्टिंग सहित अन्य प्रक्रियाओं के प्रशिक्षित अधिकारी कर्मचारी यहां अनिवार्य है उन्होने कहा की यहां फ़िल्टर प्रक्रिया लगभग 24 घंटे चलती होगी। यहां कर्मचारियों की आवश्यकता अनुसार उपलब्धता और उनकी उपस्थिती नियमित और पर्याप्त समय तक होना चाहिए। उन्होंने अटेंडेंस रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेज चैक किये और राजघाट की मॉनिटरिंग लगातार करने के निर्देश दिये।

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