Chief: Rajesh Patel (Aapka news Star)
मध्य प्रदेश: 10 मार्च 2026
पत्रकार: राजकुमार प्रजापति (अजयगढ़)
रबी उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए, उपार्जन के साथ परिवहन भी सुनिश्चित करें, किसान भाई स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही उपार्जन करें।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी
रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 की संभागीय समीक्षा बैठक संपन्न।
मध्यप्रदेश। रवि उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं एवं उपार्जन के साथ परिवहन भी सुनिश्चित किया जाए साथ ही किसान भाई स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही उपार्जन करें इसी के साथ प्रदेश में पेट्रोल डीजल एवं गैस की कोई कमी नहीं है चिंता करने की कोई बात नहीं। उक्त निर्देश अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने वीडियो क्रांफ्रेंस के माध्यम से रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेंहूँ उपार्जन की तैयारी हेतु आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में दिए।
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेंहूँ उपार्जन की तैयारी हेतु अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्रीमती रश्मि अरुण शमी की अध्यक्षता में संभागीय समीक्षा बैठक वीडियों क्रांफ्रेंस के माध्यम से NIC भोपाल से बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर श्री संदीप जी आर, अपर कमिश्नर श्री पवन जैन, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, जॉइंट कमिश्नर श्री विनय द्विवेदी, उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, उपयुक्त सहकारिता महाप्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश स्टेट सप्लाई कॉरपोरेशन, जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश वेयर हाउस, जिला विपणन अधिकारी, मार्कफेड, नापतोल निरीक्षक, जिला आपूर्ति अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा कि एसडीएम/तहसीलदार पंजीकृत किसानों का शत प्रतिशत सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि पंजीयन में किसान द्वारा उल्लेखित फसल/रकबा एवं गिरदावरी मे दर्ज फसल/रकबा में भिन्नता, विगत वर्ष के पंजीयन से 50% अधिक पंजीकृत रकबा वाले किसान, 5 हेक्टेयर से अधिक रकबे वाले किसान, सिकमी, बटाईदार, कोटवार वन पट्टाधारी किसानों का सत्यापन किया जाए। इसी प्रकार भू-अभिलेख डाटा एवं पंजीयन में किसान के नाम में भिन्नता की भी जांच की जावे।
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेंहूँ उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव श्रीमती शमी ने कहा कि उपार्जन केंद्र पर हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन एवं विद्युत/जनरेटर सुविधा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कम्प्यूटर, प्रिंटर, डोंगल, स्कैनर, UPS, लेपटॉप, बैटरी जैसी तकनीकी सुविधाओं की व्यवस्था की जावे। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर अपनी फसल का उपार्जन कराने आए किसानों की सुविधाओं प्रतीक्षा कक्ष, दरियां, टेबल, कुर्सी, पेयजल, शौचालय, छाया, बिजली आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपार्जन सही हो इसके लिए उपार्जन केन्द्रों पर नमी मापक यंत्र (Analog Moisture Metre) बड़ा छन्ना, पंखे, परखी एवं ग्रेडिंग मशीन जैसे उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती शमी ने कहा कि किसानों को उपार्जन एवं मौसम संबंधी जानकारी त्वरित गति से मिल सके इस हेतु सूचना पटल उपार्जन बैनर, FAQ मापदण्ड, भुगतान एवं टोल फ्री नंबर का प्रदर्शन किया जाए। मौसम संबंधि घटनाओं एवं वर्षा से किसानों की फसल को नुकसान न हो इस हेतु उपार्जन केंद्रों पर तिरपाल, कवर, ड्रेनेज व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र, रेत, बाल्टियां, First- Aid-box जैसी सुरक्षात्मक सुविधाएं, न्यूनतम 4 बड़े इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे एवं वे-ब्रिज (धर्मकांटा), परखी, इनेमल प्लेट, प्लास्टिक की सेम्पल थैलियों, कपडे की थैलियां चपडा, मोमबत्ती, माचिस, एजेंसी की पीतल की सील, साफ-सफाई हेतु कस्टम हायरिंग/आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से आवश्यक सफाई उपकरण की उपलब्धता,बायोमेट्रिक उपकरण, हेल्प डेस्क, प्रशासनिक हॉल, गुणवत्ता परीक्षण कक्ष और उपकरण, अनलोडिंग क्षेत्र, तौल मशीन एवं प्रमाणीकरण,अस्थाई भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेंहूँ उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा कि उपार्जन में किसी भी प्रकार की अभिलेखीय देरी से बचने एवं किसानों को उनके उपार्जन संबंधी समस्त रशीदें तुरंत उपलब्ध कराने हेतु उपार्जन केन्द्रों पर उपार्जन केन्द्र हेतु नामित अथवा नियोजित प्रबंधन प्रभारी, संस्था द्वारा नियोजित डाटा एन्ट्री आपरेटर जो की CPCT अथवा डिप्लोमा/डिग्रीधारी व्यक्ति हो। तौल-कांटे संचालन करने हेतु आवश्यक संस्था में तुलावटी एवं हम्माल,वे-ब्रिज की दशा में नियोजित/नामित वे-ब्रिज प्रभारी, गुणवत्ता परीक्षक/सर्वेयर को नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक उपार्जन मात्रा की संभावना वाले केन्द्रों में उपार्जन मात्रा के आधार पर अतिरिक्त कर्मचारियों, तौल कांटों, कम्प्यूटर आदि की व्यवस्था संस्थ द्वारा स्वयं की आय/कमीशन में से सुनिश्चित की जायेगी।
स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था
किसान अपनी फसल के उपार्जन हेतु ऑनलाइन के माध्यम से स्लॉट बुक कर सकते हैं। किसान https://mpeuparjan.nic.in पर स्लाट बुकिंग में दिनांक, विक्रय योग्य की मात्रा, उपार्जन केंद्र का कोड एवं नाम से स्लॉट बुक कर सकते हैं। स्लॉट बुकिंग की पुष्टि SMS/OTP के माध्यम से सोमवार से शुक्रवार तक की जा सकेगी; स्लॉट की बुकिंग किसी भी उपार्जन केन्द्र के लिए की जा सकती है। स्लॉट बुकिंग कुल विक्रय योग्य मात्रा की एक बार में ही करनी होगी। स्लॉट बुकिंग की वैधता अवधि 07 कार्य दिवस तक रहेगी।
गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के द्वारा किया जायेगा
फसल खरीदी में फसल की गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जायेगा यह मोबाइल ऐप 02 स्तरों पर कार्यरत रहेगा। उपार्जन केन्द्र सर्वेयर एप गुणवत्ता नियंत्रक (सर्वेयर) द्वारा किसान के स्कंध की गुणवत्ता की प्रविष्टि की जाएगी, अमानक होने पर दोबारा पृविष्टि का प्रावधान (48 घण्टे बाद) अमानक होने पर केन्द्र परिवर्तन प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रों में एकीकृत सर्वेयर एप के द्वारा गोदाम स्तर पर ट्रक प्राप्त होने पर गोदाम सर्वेयर द्वारा गुणवत्ता की पृविष्टि की जाएगी। इस बार ट्रक के आंशिक अस्वीकृति का प्रावधान किया गया है।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर गुणवत्ता जॉच हेतु प्रशिक्षित सर्वेयर अथवा प्रभारी को नामित किया जायेगा। सर्वेयर द्वारा किसान की ट्रैक्टर ट्रॉली विक्रय हेतु उपार्जन केन्द्र पर आने पर सैम्पलिंग की जायेगी। प्राप्त सेम्पल स्कंध का निर्धारित गुणवत्ता मानक अनुसार परीक्षण किया जाये। निर्धारित मानक का स्कंध नहीं पाये जाने पर किसान को स्कंध निर्धारित मानक के अनुसार अपग्रेड करने हेतु समझाइश दी जायेगी। अमान्य किये गये अमानक स्तर के स्कंध का सेम्पल सुरक्षित रखा जायेगा।
उपार्जन व्यवस्था एवं डे-क्लोजर
लाल रंग का 18 x 18 इंच का स्टेंसिल, प्रत्येक बोरे पर केन्द्र के नाम एवं किसान के पंजीयन क्रमांक प्लास्टिक स्लिप 3x4 इंच के लाल रंग के धागे से आधी अंदर व आधी बाहर सिलाई की जायेगी। प्रतिदिन स्टेंसिल, टेग, थप्पी लगे हुये बोरों की संख्या R2T व बारदाना संबंधी प्रविष्टि ऑनलाइन अनिवार्य रूप से करें। प्रतिदिन 'डे- क्लोजर' की ऑनलाइन प्रविष्टि अनिवार्य रूप से करें।
केन्द्र से मैप्ड धर्मकांटे का निर्धारण
परिवहन कर्ता को संस्था द्वारा धर्मकांटे से तौलकर उपज देना होगी। परिवहन पत्रक, स्वीकृति पत्रक, WHR (Ware House Receipt) करे भुगतान स्वीकृति पत्रक के आधार पर JIT (Just in Time) से करे।
समीक्षा बैठक में संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने बताया कि इस वर्ष सागर संभाग के 85371 किसानों ने रबी उपार्जन हेतु पंजीयन कराया जिसमें सागर के 39705 किसान शामिल हैं। इसी प्रकार संभाग का कुल रकबा 170001 हे. है जिसमें सागर जिले का रकबा 81977 हे.है।उन्होंने बताया कि सागर संभाग में रवि उपार्जन के लिए 437 उपार्जन केंद्र प्रस्थापित किए गए हैं जिसमें सागर जिले में 176 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। रबी उपार्जन के लिए वर्ष 2026 में गेहूं का कुल उपार्जन अनुमान के अनुसार संभाग में 661686 मेट्रिक टन होगा, जिसमें सागर जिले में गेहूं का उत्पादन संभावित 344050 मेट्रिक टन है।
संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने कहा कि संभाग में किसानों के पंजीयन का सत्यापन समय पर करने के निर्देश दिए गए हैं इसी के साथ समय पर बारदाना प्राप्त होते जाए तो परिवहन भी समय पर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वीकृति पत्रक में समय पर जारी हों जिससे कि किसान भाइयों को समय पर भुगतान किया जा सके। कलेक्टर सागर श्री संदीप जी आर ने कहा कि सभी उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी जिससे कि परिवहन समय पर किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी किसान भाइयों के पंजीयन का सत्यापन समय सीमा में किया जाएगा।
Tag:
Aapka News Star, sports news, public news, MP jansampark, Panna PRO, MP news, streaming online, political news, crime News, google trends, Viral Blog,

