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पवई में दुकान में चोरी का खुलासा, अपचारी बालक पकड़ाया, 11 हजार नगद और मोबाइल बरामद

Pawai police ne apchari balak ko abhiraksha me liya
अपचारी बालक को पकड़ने वाली पवई पुलिस टीम
पत्रकार: राजकुमार प्रजापति। अजयगढ़, पन्ना, मध्यपदेश, 24 सितम्बर 2026

पवई में रात के अंधेरे में दुकान में चोरी, सीसीटीवी ने खोला राज, अपचारी बालक अभिरक्षा में

Panna News: पवई से हमारे संवाददाता ने बताया कि पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहाँ रात के समय दुकान में घुसकर चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने आखिरकार पकड़ लिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि चोरी की इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई शातिर बदमाश नहीं, बल्कि एक अपचारी बालक निकला। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर उसके पास से चोरी की रकम से खरीदा गया मोबाइल और 11 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं।

ये पूरी घटना पवई कस्बे के वार्ड क्रमांक 11 की है और इस घटना के बाद से पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार फरियादी का नाम प्रमोद लखेरा पिता स्व. मूलचंद्र लखेरा, उम्र 45 साल, निवासी वार्ड क्रमांक 11 पवई है। इनकी पवई में ही मनिहारी की एक दुकान है। ये अपनी दुकान को ही अपनी रोजी-रोटी का साधन मानते हैं।

दिनांक 23 अगस्त 2026 की रात को हमेशा की तरह प्रमोद लखेरा अपनी दुकान के अंदर ही सो रहे थे। रात का समय था, चारों तरफ सन्नाटा था। इसी का फायदा उठाकर एक अज्ञात व्यक्ति चुपके से उनकी दुकान के अंदर घुस आया। दुकान के काउंटर में दिन भर की बिक्री की नगद राशि रखी हुई थी। आरोपी ने बड़ी ही चालाकी से काउंटर में रखी पूरी नगद राशि पर हाथ साफ कर दिया और वहां से फरार हो गया। फरियादी को इस बात की भनक तक नहीं लगी क्योंकि वो गहरी नींद में थे।

सुबह जब उनकी नींद खुली और उन्होंने काउंटर देखा तो उनके होश उड़ गए। काउंटर में रखी नगदी गायब थी। पहले तो उन्हें लगा कि शायद उन्होंने पैसे कहीं और रख दिए होंगे, लेकिन काफी तलाश करने के बाद भी जब पैसे नहीं मिले तो उन्हें समझ आ गया कि रात में उनके साथ चोरी हो गई है।

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

अब यहाँ पर फरियादी की एक समझदारी काम आई। प्रमोद लखेरा ने अपनी दुकान में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। ये आज के समय में हर दुकानदार के लिए कितना जरूरी है, इस घटना ने साबित कर दिया।

चोरी का पता चलते ही उन्होंने तुरंत अपने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला। फुटेज देखते ही पूरी वारदात साफ हो गई। कैमरे में साफ तौर पर एक व्यक्ति दुकान के अंदर घुसता हुआ और काउंटर से पैसे निकालता हुआ दिखाई दे रहा था। हालांकि रात का समय होने की वजह से चेहरे की पहचान साफ नहीं हो पा रही थी, लेकिन उसके हाव-भाव और कद-काठी से अंदाजा लगाया जा रहा था।

इस पुख्ता सबूत के साथ फरियादी प्रमोद लखेरा सीधे थाना पवई पहुंचे और पूरे मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में ले लिया।

पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश

चूंकि मामला संपत्ति संबंधी अपराध का था और पवई जैसे कस्बे में रात के समय हुई चोरी की घटना से व्यापारियों में दहशत का माहौल था, इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिया गया।

पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू ने इस मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने थाना प्रभारी पवई निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रकरण में तत्परता से साक्ष्य संकलित किए जाएं और जल्द से जल्द आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाए। एसपी मैडम का कहना था कि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाना बहुत जरूरी है ताकि आम जनता का पुलिस पर भरोसा बना रहे।

एसपी के निर्देश के बाद पवई पुलिस पूरी तरह से एक्टिव हो गई।

कैसे पकड़ में आया आरोपी? मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी का कमाल

थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार ने अपने नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने दो चीजों पर सबसे ज्यादा फोकस किया। पहला, सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण और दूसरा, अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना।

पुलिस टीम ने पवई कस्बे में लगे अन्य दुकानों और रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले ताकि आरोपी के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। साथ ही साथ पुलिस के मुखबिरों को भी काम पर लगा दिया गया।

लगातार कई दिनों तक साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। संदेही की पहचान हुई तो पुलिस भी हैरान रह गई। पता चला कि इस चोरी को अंजाम देने वाला कोई बड़ा अपराधी नहीं, बल्कि एक अपचारी बालक है। कानून की भाषा में 18 साल से कम उम्र के बच्चे द्वारा अपराध करने पर उसे अपचारी बालक कहा जाता है।

पहचान पुख्ता होने के बाद पुलिस ने दिनांक 23/09/2026 को बड़ी ही सूझबूझ के साथ अपचारी बालक को अभिरक्षा में लिया।

पूछताछ में किया जुर्म कबूल, मोबाइल और नगदी बरामद

जब पुलिस ने अपचारी बालक से पूछताछ की तो पहले तो वह इधर-उधर की बातें करने लगा, लेकिन जब उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

उसने बताया कि उसने उस रात दुकान से नगद राशि चोरी की थी। चोरी की गई रकम से उसने अपने शौक पूरे करने के लिए एक सेकंड हैंड मोबाइल खरीद लिया था।

पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके कब्जे से चोरी की राशि से खरीदा गया मोबाइल फोन और बाकी बचे हुए 11,000 रुपये नगद बरामद कर लिए हैं। यह पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता थी।

कानून के तहत हुई कार्रवाई

चूंकि आरोपी अपचारी बालक है, इसलिए उसके साथ किसी आम अपराधी जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता। कानून में बच्चों के लिए अलग प्रावधान हैं। किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अपचारी बालक को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

माननीय न्यायालय के आदेश के पालन में उसे सुधार और देखरेख के लिए बाल संप्रेषण गृह, छतरपुर भेज दिया गया है। वहां उसकी काउंसलिंग की जाएगी ताकि वह भविष्य में अपराध की दुनिया से दूर रहकर एक अच्छा जीवन जी सके।

फरियादी ने जताया पुलिस का आभार

जब चोरी की घटना का खुलासा हुआ और आरोपी पकड़ा गया तो फरियादी प्रमोद लखेरा ने राहत की सांस ली। उन्होंने पवई पुलिस की इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई के लिए दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उनकी चोरी का खुलासा हो जाएगा और उनका पैसा वापस मिल जाएगा।

इस कार्रवाई के बाद पवई के अन्य व्यापारियों में भी पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ा है।

पवई पुलिस की इस कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका

इस पूरे मामले का खुलासा करना आसान नहीं था। इसके लिए पवई पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत की। इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी पवई निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक दुलीचंद जैन, प्रधान आरक्षक विनोद कुमार, प्रधान आरक्षक कृष्णकांत चौधरी जो एसडीओपी कार्यालय पवई में पदस्थ हैं, आरक्षक राजेश बरखने और महिला आरक्षक खुशबू सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन सभी के संयुक्त प्रयास से ही इस चोरी का पर्दाफाश हो सका।

व्यापारियों के लिए सबक

इस घटना से सभी दुकानदारों को एक बड़ा सबक मिलता है। आज के समय में हर दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगाना बेहद जरूरी हो गया है। अगर फरियादी की दुकान में सीसीटीवी नहीं लगा होता तो शायद इस चोरी का खुलासा कभी नहीं हो पाता। साथ ही रात में दुकान के अंदर सोते समय भी थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए और नगद राशि को काउंटर में खुला नहीं छोड़ना चाहिए।

पन्ना पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

अंत में: पवई पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर पुलिस ईमानदारी से काम करे तो कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता, चाहे वह कोई भी हो।

पन्ना जिले के पवई तहसील से हमारे संवाददाता की खास रिपोर्ट।


हमारी टीम का विशेष आभार

संवाददाता: पन्ना पवई से रामबाबू पटेल
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)



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