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एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया का भोपाल ट्रांसफर, अजयगढ़ थाने में हुई भावभीनी विदाई

Ajaygarh thana parisar me SDOP Rajiv Singh Bhadoriya ka vidai samaroh, police staff aur patrakaron ne kiya samman
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पत्रकार: राजकुमार प्रजापति। अजयगढ़, पन्ना, मध्यपदेश, 24 सितम्बर 2026

एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया का अजयगढ़ से भावुक विदाई समारोह, भोपाल स्थानांतरण पर पुलिस और जनता ने दी शुभकामनाएं

Ajaigarh News: अजयगढ़ से हमारे संवाददाता राजकुमार प्रजापति ने बताया कि अजयगढ़ एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया के भोपाल स्थानांतरण पर थाना परिसर में भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन। अधिकारियों, पत्रकारों और जनता ने उनके कार्यकाल को याद कर दी शुभकामनाएं।

अजयगढ़ में पुलिस और जनता के दिलों में अमिट छाप छोड़ गए एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया

पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र के लिए आज का दिन थोड़ा भावुक करने वाला रहा। लंबे समय से अजयगढ़ अनुविभाग की कानून व्यवस्था को संभालने वाले तेजतर्रार और मिलनसार अधिकारी एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया का स्थानांतरण भोपाल हो गया है। उनके स्थानांतरण की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, लोगों में एक तरफ खुशी थी कि उनका प्रमोशन होकर वह एडिशनल एसपी बन रहे हैं, तो दूसरी तरफ दुख भी था कि एक अच्छा अधिकारी अजयगढ़ को छोड़कर जा रहा है। इसी भावना के साथ अजयगढ़ थाना परिसर में उनके सम्मान में एक भव्य और भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

यह सिर्फ एक औपचारिक विदाई नहीं थी, बल्कि यह अजयगढ़ की जनता और पुलिस परिवार के उस अटूट रिश्ते का प्रतीक था, जो राजीव सिंह भदौरिया ने अपने कार्यकाल के दौरान बनाया था। थाना परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस महकमे से लेकर पत्रकारिता जगत और आम नागरिक तक, सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने-अपने अंदाज में एसडीओपी साहब के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया।

थाना परिसर में सजा विदाई समारोह का मंच

शुक्रवार को अजयगढ़ थाना परिसर को विदाई समारोह के लिए विशेष रूप से सजाया गया था। दोपहर के समय आयोजित इस कार्यक्रम में कुर्सियों पर न सिर्फ वर्दीधारी जवान बैठे थे, बल्कि खाकी के साथ-साथ खादी और कलम के लोग भी एक साथ बैठे नजर आए। यह नजारा अपने आप में बताता है कि राजीव सिंह भदौरिया ने अपने कार्यकाल में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की जो परंपरा शुरू की थी, वह कितनी सफल रही।

कार्यक्रम की शुरुआत में अजयगढ़ थाना प्रभारी हरिसिंह ठाकुर ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद बारी-बारी से उपस्थित अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया को शाल और श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया। माला पहनाकर और पुष्पगुच्छ देकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं। इस दौरान पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति

इस विदाई समारोह को खास बनाने के लिए पुलिस विभाग के कई महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहे। अजयगढ़ थाना प्रभारी हरिसिंह ठाकुर के अलावा धरमपुर थाना प्रभारी अनिल सिंह राजपूत, हनुमतपुर चौकी प्रभारी अशोक गौतम, चन्दोरा चौकी प्रभारी विक्रम सिंह और बीरा चौकी प्रभारी कमल सिंह चंदेल सहित पूरे अनुविभाग का पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। सभी ने अपने अधिकारी के साथ बिताए गए समय को याद किया।

पुलिस परिवार के अलावा अजयगढ़ के सामाजिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कई वरिष्ठ नागरिक भी इस मौके पर मौजूद थे। वरिष्ठ समाजसेवी रामौतार तिवारी, संजय सुल्लेरे, सीलू श्रीवास्तव और प्रमोद दद्दा जैसे गणमान्य लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पत्रकारिता जगत से रिंकू खान सहित अजयगढ़ के अन्य सभी पत्रकार साथी भी इस विदाई समारोह में शामिल हुए और उन्होंने एसडीओपी के साथ अपने पेशेवर अनुभवों को साझा किया।

अधिकारियों और पत्रकारों ने साझा किए अनुभव

विदाई समारोह में सबसे भावुक क्षण वह था जब लोगों ने माइक पर आकर एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया के साथ अपने अनुभव साझा करना शुरू किया।

थाना प्रभारियों ने बताया कि भदौरिया सर एक ऐसे अधिकारी थे, जो कभी भी किसी भी समय फोन उठाने में संकोच नहीं करते थे। रात के 2 बजे भी अगर कोई गंभीर अपराध की सूचना आती थी, तो वह खुद मौके पर पहुंच जाते थे। उन्होंने कभी भी अपने जूनियरों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया, बल्कि हमेशा एक बड़े भाई की तरह मार्गदर्शन दिया। उनकी इसी कार्यशैली के कारण अजयगढ़ अनुविभाग में अपराधों पर अंकुश लगा और कई पुराने लंबित मामलों का भी निराकरण हो सका।

पत्रकार रिंकू खान और अन्य पत्रकार साथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुलिस और पत्रकार के बीच अक्सर जो दूरी बनी रहती है, उसे राजीव सिंह भदौरिया ने पूरी तरह से खत्म कर दिया था। वह हमेशा पत्रकारों से तथ्यों के आधार पर चर्चा करते थे और मीडिया को पुलिस का सहयोगी मानते थे। उनके कार्यकाल में पुलिस की छवि को लेकर जो सकारात्मक बदलाव आया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी का ट्रांसफर होना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ अधिकारी अपने व्यवहार से जनता के दिल में जगह बना लेते हैं, भदौरिया सर उन्हीं में से एक हैं।

वरिष्ठ नागरिकों ने भी कहा कि अजयगढ़ जैसे ग्रामीण और संवेदनशील क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। लेकिन राजीव सिंह भदौरिया ने जनसंवाद और सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से इस चुनौती को बखूबी संभाला। वह हमेशा लोगों की समस्याओं को ध्यान से सुनते थे और त्वरित निराकरण का प्रयास करते थे।

अजयगढ़ से रहा है विशेष लगाव - एसडीओपी भदौरिया

सभी के अनुभव सुनने के बाद जब एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया को संबोधित करने के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने सबसे पहले हाथ जोड़कर सभी का आभार व्यक्त किया। उनका गला थोड़ा भरा हुआ था, क्योंकि अजयगढ़ से उनका रिश्ता सिर्फ एक अधिकारी का नहीं था।

उन्होंने अपने संबोधन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात साझा की, जो शायद बहुत कम लोगों को पता थी। उन्होंने कहा, "अजयगढ़ से मेरा रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है। मेरी पहली पोस्टिंग जब मैं इंस्पेक्टर बना था, तो वह अजयगढ़ में ही हुई थी। और जब मैं प्रमोट होकर एसडीओपी बना, तब भी मुझे अजयगढ़ का ही प्रभार मिला। इसलिए यह क्षेत्र मेरे लिए कर्मभूमि के साथ-साथ मेरी सीखने की भूमि भी रही है।"

उन्होंने आगे कहा कि अजयगढ़ की जनता बहुत ही सीधी, सरल और सहयोग करने वाली है। यहां पर पुलिसिंग करना कभी भी बोझ नहीं लगा। यहां के थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों और पूरे स्टाफ ने हमेशा ईमानदारी से काम किया। अगर पुलिस स्टाफ का सहयोग न मिलता, तो अकेले कोई भी अधिकारी कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने विशेष रूप से पत्रकारों का भी धन्यवाद किया और कहा कि पत्रकारों ने हमेशा सकारात्मक खबरों के माध्यम से पुलिस का मनोबल बढ़ाया है।

उन्होंने कहा, "अजयगढ़ में बेहतर कानून व्यवस्था स्थापित करने का श्रेय सिर्फ मेरा नहीं है, यह हम सबकी टीम वर्क का परिणाम है। आम लोगों ने भी पुलिस पर भरोसा जताया और हर सूचना पुलिस के साथ साझा की, जिससे हम अपराधों को रोकने में सफल रहे।"

एडिशनल एसपी बनने पर मिली बधाइयां

जैसा कि सभी को पता है कि एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया का स्थानांतरण भोपाल हुआ है, जहां वह एडिशनल एसपी के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। यह उनके लिए एक बड़ा प्रमोशन है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए ढेर सारी बधाइयां दीं।

सभी ने एक स्वर में कहा कि वह अपनी नई जिम्मेदारी में भी इसी तरह ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करेंगे और मध्यप्रदेश पुलिस का नाम रोशन करेंगे। साथ ही सभी ने यह भी कामना की कि भविष्य में उनकी पोस्टिंग एक बार फिर पन्ना जिले में हो, ताकि अजयगढ़ को उनका मार्गदर्शन फिर से मिल सके।

लोगों ने कहा कि एक अच्छा अधिकारी कहीं भी जाता है, तो अपनी कार्यशैली की छाप छोड़ जाता है। राजीव सिंह भदौरिया ने भी अजयगढ़ में ऐसी ही छाप छोड़ी है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

भावुक हुआ माहौल, नम आंखों से दी विदाई

पूरा कार्यक्रम करीब दो घंटे तक चला। अंत में सभी ने एक साथ खड़े होकर एसडीओपी साहब के साथ फोटो खिंचवाई। इसके बाद जब वह अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तो कई पुलिसकर्मियों और आम लोगों की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य बताता है कि अधिकारी और जनता के बीच अगर विश्वास और सम्मान का रिश्ता हो, तो विदाई भी एक यादगार पल बन जाती है।

अजयगढ़ थाना प्रभारी हरिसिंह ठाकुर ने अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि एसडीओपी सर ने जो अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण सिखाया है, उसे पूरी टीम आगे भी बनाए रखेगी।

निश्चित तौर पर, एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया का यह स्थानांतरण अजयगढ़ के लिए एक अधिकारी का जाना है, लेकिन उनके द्वारा स्थापित की गई कानून व्यवस्था और जनसहयोग की जो नींव रखी गई है, वह आगे भी इसी तरह मजबूत बनी रहेगी। अजयगढ़ की जनता और पुलिस परिवार की ओर से उन्हें नई पारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

अजयगढ़ पन्ना से हमारे संवाददाता राजकुमार प्रजापति की खास रिपोर्ट।


हमारी टीम का विशेष आभार

संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)


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