पत्रकार: राजकुमार प्रजापति । मध्यप्रदेश,पन्ना 15 अगस्त 2026
पन्ना में 7 मजदूरों की चमकी किस्मत, खदान में मिला 16.96 कैरेट का बेशकीमती हीरा, 50 लाख में होगी नीलामी।
पन्ना में 7 मजदूरों को 16.96 कैरेट का बेशकीमती हीरा मिला है। हीरे की कीमत 50 लाख से अधिक बताई जा रही है। मजदूरों में खुशी की लहर।
ब्यूरो.पन्ना। पन्ना की धरती एक बार फिर गरीबों के लिए कुबेर का खजाना लेकर आई है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सात गरीब मजदूरों की किस्मत रातों-रात बदल गई है। सरकोहा गांव में एक खेत की निजी खदान में काम के दौरान मजदूरों को 16.96 कैरेट का बेशकीमती जेम क्वालिटी हीरा प्राप्त हुआ है। हीरा मिलने के बाद से पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और मजदूरों के घरों में खुशी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, हीरे की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। यह हीरा शासकीय हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है, जहां से इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बारिश के बाद चमका हीरा, ऐसे हुई पहचान
बताया जा रहा है कि पट्टाधारक अखिलेश पाल बारिश के बाद खदान की चाल देखने के लिए खेत पर गए थे। इसी दौरान मिट्टी के बीच एक चमकदार पत्थर पर उनकी नजर पड़ी। पहले तो उन्हें लगा कि यह सामान्य पत्थर है, लेकिन उसकी चमक कुछ अलग थी। शक होने पर उन्होंने उसकी जांच कराई तो वह बेशकीमती हीरा निकला। हीरा मिलने की पुष्टि होते ही सभी सात पार्टनर मजदूरों को सूचना दी गई।
इसके बाद नियमानुसार हीरे को पन्ना के शासकीय हीरा कार्यालय में जमा कर दिया गया। हीरा अधिकारी द्वारा हीरे की गुणवत्ता और वजन की जांच की गई। जांच में हीरे का वजन 16.96 कैरेट पाया गया, जो कि जेम क्वालिटी का है। इसी वजह से इसकी कीमत करोड़ों में नहीं तो लाखों में जरूर बताई जा रही है।
नीलामी के बाद बराबर बंटेगी राशि
शासकीय नियमानुसार, हीरे की नीलामी कलेक्टर के निर्देशन में की जाएगी। नीलामी से प्राप्त कुल राशि में से 12 प्रतिशत रॉयल्टी और अन्य सरकारी शुल्क काटे जाएंगे। इसके बाद बची हुई शेष राशि सातों मजदूरों के बीच बराबर-बराबर बांटी जाएगी। अनुमान है कि प्रत्येक मजदूर के हिस्से में 6 से 7 लाख रुपये तक आ सकते हैं, जो उनके लिए एक बड़ी रकम है।
तीन मजदूरों की अब बजेगी शहनाई
इस हीरे ने सिर्फ आर्थिक स्थिति ही नहीं बदली, बल्कि तीन मजदूरों के जीवन में खुशियों की शहनाई भी बजाने वाली है। बताया जा रहा है कि संतोष, शर्मन और अरुण नाम के तीन मजदूर आर्थिक तंगी के कारण 30 से 38 साल की उम्र तक अविवाहित थे। शादी के लिए पैसे न होने के कारण उनके परिवार वाले चिंतित थे। अब हीरा मिलने के बाद उन्होंने शादी की तैयारी शुरू कर दी है।
मजदूरों का कहना है कि वे इस राशि का उपयोग अपने कच्चे मकानों को पक्का बनाने, बच्चों की अच्छी शिक्षा और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में करेंगे। सालों से मिट्टी में किस्मत तलाश रहे इन मजदूरों की मेहनत आखिरकार रंग लाई है।
क्यों खास है पन्ना की धरती?
पन्ना को हीरों की नगरी कहा जाता है। यहां की जमीन में आज भी बेशकीमती हीरे छिपे हुए हैं। हर साल यहां सैकड़ों गरीब मजदूर अपनी किस्मत आजमाते हैं और कई बार उनकी किस्मत सच में चमक जाती है। पन्ना में हीरा कार्यालय द्वारा आम लोगों को पट्टा देकर खदान में खुदाई की अनुमति दी जाती है।
फिलहाल इस 16.96 कैरेट के हीरे की नीलामी का सभी को इंतजार है। नीलामी के बाद इन सात मजदूरों के जीवन में एक नया सवेरा आने वाला है।
