अजयगढ़ में शांति समिति की बैठक: नवरात्रि, दशहरा और बागेश्वर धाम सरकार के आगमन पर बड़े फैसले
नवरात्रि और दशहरा पर्व को लेकर अजयगढ़ में शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश - बागेश्वर धाम सरकार के आगमन की तैयारी पर भी मंथन।
By - ब्यूरो रिपोर्ट, पन्ना | 7 अक्टूबर 2026 | Ajaigarh News
Ajaigarh News: अजयगढ़ पन्ना से हमारे संवाददाता राजकुमार प्रजापति ने बताया की आगामी शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी (दशहरा) पर्व को देखते हुए मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को थाना परिसर अजयगढ़ में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (SDM) और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) ने संयुक्त रूप से की। इस बैठक में नगर के सभी दुर्गा प्रतिमा स्थापना समितियों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक, व्यापारी बंधु, पत्रकारगण और पुलिस प्रशासन के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। लगभग 2 घंटे तक चली इस बैठक में नवरात्रि से लेकर दशहरा और 11 अक्टूबर को होने वाले बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य - त्योहार में शांति और सुरक्षा
अधिकारियों ने बैठक की शुरुआत में स्पष्ट किया कि अजयगढ़ क्षेत्र में नवरात्रि और दशहरा का पर्व हमेशा से ही बड़े उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाता रहा है। प्रशासन का उद्देश्य इस परंपरा को बनाए रखना है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, अफवाह या अव्यवस्था को रोकने के लिए पहले से ही तैयारी करना जरूरी है। इसीलिए सभी पक्षों को एक मंच पर बुलाकर उनकी राय ली गई और प्रशासन की ओर से गाइडलाइन जारी की गई।
प्रतिमा स्थापना को लेकर प्रशासन के 10 बड़े निर्देश
नवरात्रि के दौरान दुर्गा पंडालों और प्रतिमा स्थापना को लेकर प्रशासन ने सख्त लेकिन व्यवस्थित निर्देश जारी किए हैं।
1. अनुमति अनिवार्य: सभी दुर्गा उत्सव समितियों को अनिवार्य रूप से SDM कार्यालय और थाना अजयगढ़ से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के कोई भी पंडाल या प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकेगी। आवेदन के साथ समिति के अध्यक्ष, सचिव के नाम, मोबाइल नंबर और पंडाल के स्थान का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
2. स्थान का चयन: प्रतिमा स्थापना ऐसी जगह पर की जाए जहां से यातायात बाधित न हो। सड़क पर या चौराहे को घेर कर पंडाल न लगाया जाए। अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक कार्यालयों के सामने तेज आवाज वाले कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहेगा।
3. विद्युत सुरक्षा सबसे जरूरी: नवरात्रि में सबसे ज्यादा हादसे शॉर्ट सर्किट से होते हैं। सभी पंडालों में ISI मार्क की वायरिंग का उपयोग, फ्यूज और अर्थिंग की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग के कर्मचारियों से भी पंडालों का निरीक्षण कराया जाएगा। खुले तार नहीं लटकने चाहिए।
4. अग्नि सुरक्षा के इंतजाम: हर बड़े पंडाल में कम से कम 2 फायर एक्सटिंग्विशर, रेत से भरी बाल्टी और पानी की व्यवस्था रखना अनिवार्य किया गया है। पंडाल में कागज, थर्माकोल और ज्वलनशील सजावट के अत्यधिक उपयोग से बचने को कहा गया है।
5. CCTV और वालंटियर: 15 फीट से ऊंची प्रतिमा या 500 से अधिक भीड़ वाले पंडालों में CCTV कैमरा लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्येक समिति को कम से कम 10 वालंटियर की सूची थाने में जमा करनी होगी, जिनके पास आई-कार्ड होगा और जो भीड़ को नियंत्रित करेंगे।
6. ध्वनि विस्तारक यंत्र का नियम: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर / DJ पूरी तरह से बंद रहेंगे। दिन में भी ध्वनि की सीमा निर्धारित मानक से अधिक नहीं होनी चाहिए। अश्लील गानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। भक्ति गीत और गरबा ही बजाए जा सकते हैं।
7. महिला सुरक्षा: दुर्गा पंडालों में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अभद्रता पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विसर्जन जुलूस और रावण दहन को लेकर रूट प्लान
दशहरा के दिन होने वाले दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और रावण दहन को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट रूपरेखा तैयार की है।
अधिकारियों ने कहा कि विसर्जन के लिए एक ही मार्ग निर्धारित किया जाएगा। सभी समितियां एक साथ या दो-दो के समूह में अपने निर्धारित समय पर जुलूस निकालेंगी। जुलूस में किसी भी प्रकार के हथियार, लाठी या आपत्तिजनक प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
रावण दहन स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी। दहन के समय फायर ब्रिगेड की गाड़ी और एम्बुलेंस मौके पर मौजूद रहेगी। रावण दहन समिति को दहन से पहले फायर विभाग से NOC लेना होगा। विसर्जन के लिए स्थानीय तालाब / नदी के किनारे गोताखोर और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
यातायात व्यवस्था और बाजार को लेकर बड़े फैसले
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा अजयगढ़ के यातायात जाम को लेकर हुई। त्योहारों के दौरान बाजार में भीड़ कई गुना बढ़ जाती है।
छोटे बस स्टैंड पर सब्जी दुकानें व्यवस्थित होंगी:
छोटे बस स्टैंड पर अव्यवस्थित तरीके से लगने वाली सब्जी की दुकानों के कारण हर दिन जाम की स्थिति बनती है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि सभी सब्जी विक्रेताओं को निर्धारित मार्किंग के भीतर ही दुकानें लगानी होंगी। सड़क पर अतिक्रमण करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर परिषद को इसके लिए पीले निशान लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
मांस-मछली की दुकानें बंद रहेंगी:
नवरात्रि के 9 दिनों तक नगर के भीतर और मंदिरों के आसपास की सभी मांस-मछली की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है ताकि धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे और स्वच्छता बनी रहे। इसका उल्लंघन करने पर खाद्य विभाग और नगर परिषद द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
पार्किंग व्यवस्था:
नवरात्रि के दौरान मुख्य बाजार में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक प्रतिबंध रहेगा। दो पहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे।
11 अक्टूबर को बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री के आगमन पर विशेष चर्चा
इस शांति समिति बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा आगामी 11 अक्टूबर 2026 को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अजयगढ़ आगमन को लेकर था। बताया जा रहा है कि अजयगढ़ में एक धार्मिक कार्यक्रम और हनुमंत कथा का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
प्रशासन ने इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में लिया है। बैठक में रूट चार्ट पर विस्तार से चर्चा हुई।
पुलिस प्रशासन द्वारा प्रस्तावित रूट चार्ट के अनुसार - बाहर से आने वाले बड़े वाहनों और बसों को नगर के बाहर ही अस्थायी पार्किंग में रोका जाएगा। शहर के भीतर केवल छोटे वाहन और पैदल श्रद्धालु ही प्रवेश कर सकेंगे। कार्यक्रम स्थल तक जाने के लिए 3 अलग-अलग मार्ग बनाए जा रहे हैं - एक VIP और प्रशासन के लिए, दूसरा महिलाओं के लिए और तीसरा सामान्य श्रद्धालुओं के लिए।
भीड़ नियंत्रण के लिए अजयगढ़ के अलावा पन्ना, पवई और गुनौर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया जाएगा। ड्रोन कैमरों से पूरे कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को कार्यक्रम स्थल पर अस्थायी अस्पताल और एम्बुलेंस तैनात करने को कहा गया है। पेयजल और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था नगर परिषद करेगी।
SDM ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री जी के कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा। सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर IT एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों से बचने की अपील और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
बैठक के अंत में थाना प्रभारी अजयगढ़ ने सभी नागरिकों से अपील की कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी भ्रामक मैसेज, फोटो या वीडियो को बिना जांचे-परखे शेयर न करें। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल लगातार सक्रिय रहेगी। यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखती है तो वह तुरंत 100 या थाना अजयगढ़ के कंट्रोल रूम नंबर पर सूचना दे।
उन्होंने यह भी कहा कि शांति समिति के सदस्य प्रशासन की आंख और कान हैं। छोटे से छोटे विवाद को भी बढ़ने से पहले प्रशासन को बताएं ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
कुल मिलाकर अजयगढ़ में नवरात्रि और दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। शांति समिति की इस बैठक के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष अजयगढ़ में त्योहार पहले से भी अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य तरीके से मनाए जाएंगे। वहीं बागेश्वर धाम सरकार के आगमन को लेकर भी नगर में उत्साह का माहौल है और लोग तैयारियों में जुट गए हैं।
अजयगढ़ पन्ना से हमारे संवाददाता राजकुमार प्रजापति की खास रिपोर्ट।
हमारी टीम का विशेष आभार
संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)


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