अजयगढ़ में सांदीपनि सप्ताह के तहत मॉडल स्कूल का निरीक्षण, अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश

अजयगढ़ सांदीपनि विद्यालय भवन का निरीक्षण करते हुए अधिकारी


अजयगढ़ में सांदीपनि सप्ताह के तहत मॉडल स्कूल का सघन निरीक्षण, शिक्षा क्रांति की ओर मध्यप्रदेश का बड़ा कदम

By - ब्यूरो रिपोर्ट, पन्ना | 8 अक्टूबर 2026 | Ajaigarh News

Ajaigarh News: अजयगढ़ पन्ना से हमारे संवाददाता राजकुमार प्रजापति ने बताया कि मध्यप्रदेश में सरकारी शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए चल रही सबसे बड़ी योजना - सांदीपनि विद्यालय योजना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा पूरे प्रदेश में सांदीपनि सप्ताह (05 अक्टूबर से 08 अक्टूबर 2026) मनाया जा रहा है। इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य है - प्रदेश में बन रहे 745 सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति और सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण करना।

इसी कड़ी में 07 अक्टूबर 2026, मंगलवार को पन्ना जिले के अजयगढ़ स्थित सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक उच्च स्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल ने दौरा किया। यह निरीक्षण सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला, जिसमें भवन के हर हिस्से को बारीकी से देखा गया।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अब सरकारी स्कूल का मतलब टूटी बिल्डिंग नहीं, बल्कि प्राइवेट स्कूल से भी बेहतर सुविधाएं वाला मॉडल कैंपस होगा।

निरीक्षण में कौन-कौन अधिकारी मौजूद रहे?

यह एक सामान्य निरीक्षण नहीं था, बल्कि 4 अलग-अलग विभागों का संयुक्त निरीक्षण था ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

1. शिक्षा विभाग से: J.D. (संयुक्त संचालक) कार्यालय, सागर संभाग से सहायक संचालक श्री मृत्युंजय कुमार और जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना के प्रतिनिधि के रूप में श्री विभूति मोहन पटेरिया (APC) मौजूद रहे। इनका काम शैक्षणिक जरूरतों के हिसाब से भवन की जांच करना था।

2. लोक निर्माण विभाग (PWD) से: निर्माण की गुणवत्ता देखने के लिए PWD के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर श्री राजेश सार्वे, पन्ना, सब इंजीनियर श्री पी.के. जैन और PIU (Project Implementation Unit) के इलेक्ट्रिकल सब इंजीनियर श्री गौरव तिवारी मौजूद थे।

3. निर्माण एजेंसी से: काम कर रही कंपनी त्रिशूल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर श्री सरोज मिश्रा और साइट इंजीनियर श्री हबीब खान को बुलाया गया था, ताकि जो कमी मिले उसे तुरंत नोट किया जा सके।

4. स्थानीय प्रशासन और प्रबंधन समिति से: 

नगर पंचायत अजयगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती सीता सरोज गुप्ता, सांदीपनि विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा और विद्यालय के प्राचार्य श्री वीरेंद्र मिश्रा पूरे समय मौजूद रहे।

सांदीपनि विद्यालय योजना क्या है? मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा एजुकेशन मॉडल

अगर आप सोच रहे हैं कि सांदीपनि स्कूल क्या है, तो इसे ऐसे समझिए - मध्यप्रदेश सरकार ने तय किया है कि हर विकासखंड (Block) में एक सरकारी स्कूल ऐसा होगा जो दिखने में, पढ़ाई में और सुविधाओं में दिल्ली के किसी बड़े प्राइवेट स्कूल जैसा होगा।

इस योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी और अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसे तेजी से पूरा कर रहे हैं। इस योजना का नाम भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के नाम पर रखा गया है, जिनका आश्रम उज्जैन में था।

सरकार इस पर कितना खर्च कर रही है? एक सांदीपनि विद्यालय के भवन निर्माण पर लगभग 8 से 12 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। पूरे प्रदेश में इस योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा गया है।

सांदीपनि स्कूल में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी जो पहले नहीं थीं?

A) अकादमिक सुविधाएं: हर क्लास में स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल क्लास, हाई-स्पीड Wi-Fi, 2000 से ज्यादा किताबों वाली लाइब्रेरी, फिजिक्स-केमिस्ट्री-बायोलॉजी की मॉडर्न लैब, 100 कंप्यूटर वाली कंप्यूटर लैब, और Career Counseling Cell।

B) सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर: पूरे स्कूल में 32 CCTV कैमरे, बाउंड्री वॉल, फायर सेफ्टी सिस्टम, RO वाटर प्लांट, लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट, दिव्यांग बच्चों के लिए लिफ्ट और रैंप।

C) खेल और व्यक्तित्व विकास: बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल ग्राउंड, संगीत कक्ष, डांस रूम और योग केंद्र।

मतलब, एक गरीब मजदूर का बच्चा भी बिना एक रुपया फीस दिए वो सारी सुविधाएं पाएगा जो एक अमीर परिवार का बच्चा 1 लाख फीस देकर प्राइवेट स्कूल में पाता है।

अजयगढ़ में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने 6 बिंदुओं पर की सख्त जांच

अजयगढ़ स्कूल के निरीक्षण में अधिकारियों ने एक चेकलिस्ट बना रखी थी और उसी के आधार पर जांच की।

1. सिविल वर्क और निर्माण गुणवत्ता: PWD के इंजीनियरों ने दीवारों की तराई, सीमेंट और रेत के अनुपात, छत की मजबूती और फर्श के लेवल की जांच की। उन्होंने दीवारों पर हल्की हथौड़ी मारकर खोखलेपन की भी जांच की। निर्देश दिया गया कि निर्माण IS Code 456 के अनुसार होना चाहिए।

2. इलेक्ट्रिकल और फायर सेफ्टी: गौरव तिवारी ने देखा कि सभी क्लासरूम में पर्याप्त रोशनी है या नहीं, पंखे सही जगह पर लगे हैं या नहीं, और वायरिंग पूरी तरह से अंडरग्राउंड है। बच्चों की सुरक्षा के लिए हर फ्लोर पर फायर एक्सटिंग्विशर और Smoke Detector लगाने को कहा गया।

3. पानी और स्वच्छता: अधिकारियों ने शौचालयों में पानी के प्रेशर, टाइल्स की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था देखी। RO प्लांट का पानी टेस्ट किया गया। लड़कियों के लिए सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने के निर्देश भी दिए गए।

4. समय-सीमा का पालन: सहायक संचालक मृत्युंजय कुमार ने त्रिशूल कंस्ट्रक्शन को सख्त हिदायत दी कि काम में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2026 तक भवन को हैंडओवर करना है ताकि जनवरी 2027 से नया सत्र इसी भवन में शुरू हो सके। जो काम बाकी है, जैसे पेंटिंग, फर्नीचर और लैब सेटअप, उसे 45 दिनों में पूरा करें।

5. फर्नीचर और लैब उपकरण: क्लासरूम में लगने वाली डेस्क-बेंच की गुणवत्ता, लैब में आने वाले माइक्रोस्कोप और कंप्यूटर टेबल की जांच की गई।

6. हरित परिसर: स्कूल परिसर में पेड़-पौधे लगाने, वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) सिस्टम और सोलर पैनल लगाने पर भी चर्चा हुई ताकि स्कूल का बिजली बिल कम हो और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।

प्राचार्य और नगर पंचायत अध्यक्ष ने क्या कहा?

विद्यालय के प्राचार्य श्री वीरेंद्र मिश्रा ने बताया, "यह केवल एक भवन का निरीक्षण नहीं है, यह हमारे बच्चों के भविष्य का निरीक्षण है। सांदीपनि विद्यालय बनने के बाद अजयगढ़ के बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हम यहाँ NEET, JEE की कोचिंग भी शुरू करने की योजना बना रहे हैं। निरीक्षण में जो छोटी-मोटी कमियां बताई गई हैं, उन्हें 15 दिनों में ठीक कर लिया जाएगा।"

नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सीता सरोज गुप्ता ने कहा, "अजयगढ़ जैसे छोटे नगर के लिए यह किसी सौगात से कम नहीं है। पहले लोग सरकारी स्कूल में बच्चे भेजने से कतराते थे, लेकिन अब बड़े-बड़े लोग भी अपने बच्चों का एडमिशन यहाँ कराना चाहेंगे। इससे पूरे क्षेत्र का शैक्षिक स्तर बढ़ेगा।"

NEP 2020 और सांदीपनि योजना का कनेक्शन

आपको बता दें कि सांदीपनि विद्यालय योजना भारत की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप बनाई गई है। NEP 2020 कहती है कि स्कूल की शिक्षा में कौशल विकास, मातृभाषा में शिक्षा और तकनीक का उपयोग होना चाहिए। सांदीपनि स्कूल में इसी के तहत कोडिंग, रोबोटिक्स, और व्यवसायिक शिक्षा (Vocational Education) जैसे विषय 6वीं कक्षा से ही पढ़ाए जाएंगे।

अभिभावकों और छात्रों में उत्साह, प्राइवेट स्कूलों की टेंशन बढ़ी

अजयगढ़ में इस खबर के बाद अभिभावकों में काफी खुशी है। स्थानीय निवासी रामदीन कुशवाहा कहते हैं, "हम मजदूरी करते हैं, 25 हजार प्राइवेट स्कूल की फीस कहाँ से लाएं। अब हमारा बेटा भी AC वाले स्मार्ट क्लास में पढ़ेगा।" वहीं प्राइवेट स्कूल संचालकों में इस योजना के बाद चिंता बढ़ गई है क्योंकि अब उन्हें भी अपनी फीस और सुविधाओं में सुधार करना पड़ेगा।

निष्कर्ष: सांदीपनि सप्ताह के तहत चल रहा यह निरीक्षण अभियान यह साबित करता है कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर कितनी गंभीर है। अजयगढ़ का यह मॉडल स्कूल आने वाले समय में पूरे बुंदेलखंड के लिए एक मिसाल बनेगा। यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि हजारों बच्चों के सपनों की नींव है।

अजयगढ़ पन्ना से हमारे संवाददाता राजकुमार प्रजापति की खास रिपोर्ट।


हमारी टीम का विशेष आभार

संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)


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