गिरधार बाबा बहिलपुरवा मार्ग की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, गड्ढों में रोपा धान।
जर्जर गिरधार बाबा वाया बहिलपुरवा संपर्क मार्ग को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, गड्ढों में रोपा धान, PWD को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम।
उत्तर प्रदेश ब्यूरो.चित्रकूट। चित्रकूट जिले के पाठा क्षेत्र में सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का सब्र टूट गया है। गिरधार बाबा वाया बहिलपुरवा संपर्क मार्ग की जर्जर हालत से परेशान होकर बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार, 31 अगस्त को बिजहना कोलान मड़ैयन के पास अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
गड्ढों में धान रोपकर जताया अनोखा विरोध
आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरकर धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क अब सड़क नहीं, बल्कि खेत बन चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए शासन-प्रशासन को यह संदेश दिया गया है कि गड्ढों में इतना पानी भर गया है कि वहां खेत जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है।
बारिश के बाद इन गड्ढों में घुटने भर पानी भर जाता है। पानी भरने से गड्ढों की गहराई का पता नहीं चलता, जिससे रोजाना बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। इस मार्ग से रोजाना हजारों ग्रामीण, स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान और मजदूर आवागमन करते हैं।
पाठा क्षेत्र की लाइफलाइन है यह सड़क, विकास से कोसों दूर
पाठा क्षेत्र आदिवासी बहुल और पहाड़ी इलाका है, जहां पहले से ही विकास की रफ्तार धीमी है। गिरधार बाबा वाया बहिलपुरवा संपर्क मार्ग ही एकमात्र ऐसा मार्ग है जो बहिलपुरवा, बिजहना और कोलान मड़ैयन के दर्जनों गांवों को मुख्यालय से जोड़ता है।
सड़क खराब होने का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसल मंडी तक ले जाने के लिए दोगुना किराया देना पड़ रहा है। वहीं, बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी हो रही है। छात्रों को स्कूल जाने में 1 घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व में कई बार जिलाधिकारी चित्रकूट एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को लिखित ज्ञापन दिया गया, लेकिन इसके बावजूद सड़क के गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई।
लगातार अनदेखी से नाराज होकर ही ग्रामीणों को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और बदहाल व्यवस्था के खिलाफ है।
मौके पर पहुंचे PWD के जेई, ग्रामीणों ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम
विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर PWD विभाग के जेई विधान सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों एवं क्षेत्रवासियों से बातचीत की और सड़क की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने जेई के सामने सड़क की वास्तविक स्थिति रखी।
इसके बाद बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा ने विभाग को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर सड़क के गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा द्वारा जल आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि होने वाले आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
क्या बोले संगठन के अध्यक्ष एड. प्रखर पटेल?
बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष एड. प्रखर पटेल ने कहा, “गिरधार बाबा वाया बहिलपुरवा संपर्क मार्ग पाठा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसकी हालत बेहद खराब है। कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। आज गड्ढों में धान रोपकर शासन-प्रशासन को यह संदेश दिया गया है कि अब जनता की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
समाजसेवी मुकेश पटेल ने कहा, “बारिश के दिनों में इस सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। यह जनहित का मुद्दा है और जब तक मरम्मत नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।”
इस दौरान अमित सिंह, विपिन, शिवपूजन, जानकी, अंकित विश्वकर्मा, विनोद, छोटू, हनुमान पटेल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।



