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| CM Mohan Yadav Flood visit in Chitrakoot |
चित्रकूट बाढ़ पर CM Mohan Yadav का बड़ा बयान - बोले, संकट की घड़ी में सरकार हर परिवार के साथ खड़ी है।
ब्यूरो.चित्रकूट मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतना जिले के बाढ़ प्रभावित चित्रकूट का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। रविवार को हेलीकॉप्टर से चित्रकूट पहुंचे मुख्यमंत्री ने कीचड़ और पानी से भरे रास्तों पर पैदल चलकर लोगों के घरों का जायजा लिया और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ से हुए नुकसान का तुरंत सर्वे किया जाए और हर प्रभावित परिवार को नियमानुसार सहायता दी जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 30 अगस्त 2026 को आरोग्यधाम चित्रकूट हेलीपैड पर पहुंचे। यहां से वे सीधे प्राचीन मुखार बिंद के पास बनाए गए अस्थायी आश्रय स्थल पहुंचे। इस आश्रय स्थल में उन सैकड़ों परिवारों को ठहराया गया है, जिनके घरों में मंदाकिनी और सेमरावल नदी का पानी घुस गया था। मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल में रह रहे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से उनका कुशल-क्षेम पूछा और कहा कि सरकार इस कठिन समय में आपके साथ है।
चित्रकूट में बाढ़ के हालात कैसे बने?
पिछले तीन दिनों से चित्रकूट, सतना और रीवा संभाग में लगातार भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में 24 घंटे में 150 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण चित्रकूट की जीवनदायिनी मानी जाने वाली मंदाकिनी नदी और सेमरावल नदी उफान पर आ गई।
नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बहने लगा, जिसके कारण निचले इलाकों रामधाम मोहल्ला, सियाराम कुटीर, अमानपुर और माधव धर्मशाला क्षेत्र में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए और दुकानों में रखा सामान पूरी तरह से खराब हो गया। हालांकि, प्रशासन की तत्परता से समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, जिससे अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
मुख्यमंत्री ने खुद पैदल चलकर देखा नुकसान
आश्रय स्थल के बाद मुख्यमंत्री ने रामधाम मोहल्ले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारी उन्हें गाड़ी से चलने के लिए कह रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल ही लोगों के घरों तक पहुंचे।
उन्होंने रामफल गर्ग और किस्मत कुमार गर्ग के घर जाकर उनसे बातचीत की। दोनों ने बताया कि रात में अचानक पानी घर में घुस गया और सुबह तक पूरा घर जलमग्न हो गया। अनाज, कपड़े, बर्तन और जरूरी दस्तावेज पानी में खराब हो गए।
इसके बाद मुख्यमंत्री सतना-चित्रकूट मुख्य मार्ग पर स्थित अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचे। दुकान के मालिक कामता प्रसाद गुप्ता ने बताया कि उनकी दुकान में पानी भरने से लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार व्यापारियों के नुकसान का भी आकलन करेगी और हर संभव मदद करेगी।
राहत और बचाव कार्य में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल में सभी प्रभावितों को भोजन के पैकेट, पानी की बोतलें और दवाइयां वितरित की। उन्होंने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा और बिजली की व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम हर आश्रय स्थल पर कैंप लगाए और लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करे। साथ ही पशुओं के लिए चारे और दवाइयों की भी व्यवस्था की जाए।
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में NDRF, SDERF और होमगार्ड की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। राजस्व विभाग की 10 से अधिक टीमें घर-घर जाकर फसल, मकान और सामान के नुकसान का सर्वे कर रही हैं। सर्वे पूरा होते ही राहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
दौरे में ये रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के साथ इस दौरे में चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल, कमिश्नर रीवा संभाग शीलेंद्र सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के इस मानवीय दौरे की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की। लोगों का कहना है कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री खुद उनके घर तक कीचड़ में चलकर आया है और उनका हालचाल पूछा है।

