नीडल वाइब्रेटर चोरी का पवई पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, निर्माण उपकरण बरामद कर भेजा जेल
By - ब्यूरो रिपोर्ट, पन्ना | 03 नवम्बर 2026 | MP News
Panna News: पन्ना जिले की पवई पुलिस ने चोरी की एक अहम वारदात का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना पवई क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान चोरी हुए महंगे नीडल वाइब्रेटर के मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी गया निर्माण उपकरण भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय के आदेश पर उप जेल पवई भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों और निर्माण कंपनी ने सराहना की है।
क्या है पूरा मामला, हाईवे इंजीनियर ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी विनीत शुक्ला पिता रामाधार शुक्ला उम्र 36 वर्ष निवासी मिर्जापुर ने थाना पवई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विनीत शुक्ला पवई-कटनी रोड निर्माण कंपनी में सीनियर हाईवे इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। यह सड़क पन्ना जिले के लिए लाइफलाइन मानी जाती है। निर्माण कार्य के दौरान दिनांक 26.10.2026 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य में उपयोग होने वाला नीडल वाइब्रेटर चोरी कर लिया गया था। यह उपकरण सड़क और पुल के निर्माण में कंक्रीट को मजबूत करने के लिए उपयोग होता है, जिसकी कीमत बाजार में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक होती है।
घटना के बाद कंपनी ने पहले अपने स्तर पर उपकरण की तलाश की, लेकिन जब वह नहीं मिला तो उन्होंने थाना पवई में आकर लिखित शिकायत दी। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना पवई में अपराध क्रमांक दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत चोरी का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनी विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती वंदना चौहान एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पवई सुश्री शिवा पाठक के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। इस टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी पवई निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार कर रहे थे।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, वहां काम करने वाले मजदूरों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई। पुलिस को शक था कि यह काम किसी बाहरी व्यक्ति का नहीं, बल्कि वहीं आसपास रहने वाले या काम करने वाले किसी व्यक्ति का हो सकता है, जिसे पता हो कि यह महंगा उपकरण कहां रखा जाता है।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी, पूछताछ में कबूला जुर्म
गठित टीम द्वारा चोरी गए उपकरण की बरामदगी और आरोपी की पतासाजी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को दिनांक 02.11.2026 को एक बड़ी सफलता हाथ लगी।
पुलिस को सूचना मिली कि वार्ड क्रमांक 11 में रहने वाला एक युवक एक नीडल वाइब्रेटर बेचने की फिराक में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संदेही सचिन पिता ग्यारसी अहिरवार उम्र 25 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 11, जिला विदिशा, हाल निवासी पवई को हिरासत में लिया और उससे कड़ाई से पूछताछ की।
शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि 26 अक्टूबर की रात को जब निर्माण स्थल पर कोई नहीं था, तो वह वहां से नीडल वाइब्रेटर चोरी करके ले गया था और उसे अपने घर में छिपाकर रखा था। उसकी मंशा थी कि वह इसे किसी दूसरी निर्माण साइट पर बेच देगा।
आरोपी की निशानदेही पर बरामद हुआ उपकरण
आरोपी द्वारा जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी गया नीडल वाइब्रेटर बरामद कर लिया। पुलिस ने उपकरण को जप्त कर पंचनामा बनाया और उसे थाने ले आई। बाद में फरियादी कंपनी को बुलाकर उपकरण की पहचान कराई गई, जिसने पुष्टि की कि यह वही उपकरण है जो चोरी हुआ था।
पुलिस द्वारा आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में उप जेल पवई भेज दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।
क्या होता है नीडल वाइब्रेटर और क्यों है महंगा?
आपमें से कई लोग सोच रहे होंगे कि आखिर यह नीडल वाइब्रेटर क्या होता है। दरअसल, यह निर्माण कार्य में उपयोग होने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपकरण है। जब सड़क, पुल या इमारत में कंक्रीट डाली जाती है, तो उसमें हवा के बुलबुले रह जाते हैं, जिससे कंक्रीट कमजोर हो जाती है। नीडल वाइब्रेटर उसी हवा को बाहर निकालकर कंक्रीट को मजबूत और टिकाऊ बनाता है।
बिना इसके सड़क निर्माण की गुणवत्ता अच्छी नहीं हो सकती। यही कारण है कि इसकी कीमत काफी ज्यादा होती है और निर्माण कंपनियां इसकी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क रहती हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी पवई निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार, प्रधान आरक्षक दुलीचंद जैन, प्रधान आरक्षक कमलेश कुमार, प्रधान आरक्षक सुशील कोल एवं आरक्षक राहुल अहिरवार की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक पन्ना ने भी इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी है और कहा है कि जिले में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए इसी तरह की त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने की पुलिस की तारीफ
पवई-कटनी रोड का निर्माण काफी समय से चल रहा है और इस मार्ग पर अक्सर निर्माण सामग्री चोरी होने की शिकायतें आती रहती हैं। ऐसे में पवई पुलिस द्वारा इतनी जल्दी चोरी का खुलासा करने से निर्माण कंपनी और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता से ही अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है।
हमारी टीम का विशेष आभार
संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)

