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| IG Irshad Wali Panna Visit |
नवागत पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन इरशाद वली का पन्ना दौरा: कोतवाली और अमानगंज थाने का औचक निरीक्षण, पुलिसिंग में कसावट लाने के दिए निर्देश।
Panna News: आपका न्यूज़ स्टार के संवाददाता राजकुमार प्रजापति ने बताया कि आज मध्यप्रदेश पुलिस के सागर जोन में नवागत पुलिस महानिरीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद श्री इरशाद वली लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पदभार ग्रहण करने के कुछ ही दिनों के भीतर उन्होंने अपने जोन के सभी जिलों का भ्रमण शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को वे पन्ना जिले के दौरे पर पहुंचे। अपने इस पहले दौरे में उन्होंने पन्ना जिले के दो महत्वपूर्ण थानों - थाना कोतवाली पन्ना और थाना अमानगंज का औचक निरीक्षण किया और पुलिस व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके इस दौरे से पन्ना पुलिस में नई ऊर्जा और अनुशासन का संचार देखा जा रहा है।सर्किट हाउस में ली जिले की अपराध समीक्षा
जानकारी के अनुसार आईजी श्री इरशाद वली सुबह लगभग 11 बजे पन्ना सर्किट हाउस पहुंचे। वहां पुलिस अधीक्षक पन्ना श्री साई कृष्णा एस थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, एसडीओपी पन्ना, एसडीओपी अमानगंज, एसडीओपी पवई सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। सर्किट हाउस में उन्होंने करीब आधे घंटे तक जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में जिले में घटित गंभीर अपराधों, चोरी, लूट, हत्या, महिला अपराधों, अनुसूचित जाति जनजाति से संबंधित अपराधों, अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी और हीरा खदानों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने जिले के अपराधों के ग्राफ को देखा और लंबित अपराधों के जल्द निराकरण के निर्देश दिए। पन्ना एक पर्यटन जिला भी है, जहां पन्ना टाइगर रिजर्व और ऐतिहासिक मंदिर हैं, इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने विशेष योजना बनाने को कहा।
थाना कोतवाली में हर शाखा का किया निरीक्षण
ब्रीफिंग के बाद आईजी सीधे थाना कोतवाली पन्ना पहुंचे। कोतवाली थाना जिला मुख्यालय का सबसे बड़ा और संवेदनशील थाना है। जैसे ही वे थाने के मुख्य गेट पर पहुंचे, संतरी ने उन्हें सलामी दी। थाना प्रभारी और पूरे स्टाफ ने उनका स्वागत किया।
निरीक्षण की शुरुआत उन्होंने थाने के परिसर से की। उन्होंने देखा कि थाना परिसर की साफ-सफाई कैसी है। कोतवाली थाना परिसर में साफ-सफाई, पेड़-पौधों की देखभाल और व्यवस्थित पार्किंग देखकर वे काफी खुश हुए। इसके बाद वे थाना के अंदर विभिन्न शाखाओं में गए।
सबसे पहले वे सीसीटीएनएस कक्ष में गए। इस कक्ष में एफआईआर की ऑनलाइन फीडिंग, अपराधों का रिकॉर्ड और डायल 100 और डायल 112 की शिकायतों का रिकॉर्ड रखा जाता है। उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर से पूछा कि रोजाना कितनी शिकायतें आती हैं और उनका निराकरण कितने समय में होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत बिना निराकरण के लंबित नहीं रहनी चाहिए और एफआईआर की कॉपी शिकायतकर्ता को तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
इसके बाद वे महिला हेल्प डेस्क पर गए। वहां उन्होंने महिला डेस्क प्रभारी से बात की और पूछा कि महिला संबंधी अपराधों की कितनी शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। महिला फरियादी को थाने में पूरा सम्मान मिलना चाहिए और उसकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। दहेज प्रताड़ना, छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में काउंसलिंग और त्वरित कानूनी कार्रवाई दोनों होनी चाहिए।
रिकॉर्ड रूम में उन्होंने सभी महत्वपूर्ण रजिस्टरों का अवलोकन किया। उन्होंने अपराध रजिस्टर नंबर 1 जिसमें गंभीर अपराध दर्ज होते हैं, से लेकर रोजनामचा, गुंडा रजिस्टर, निगरानी रजिस्टर, मर्ग रजिस्टर, गुम इंसान रजिस्टर और बीट पेट्रोलिंग रजिस्टर को बारीकी से देखा। कई रजिस्टरों में साफ-सुथरी लिखावट और व्यवस्थित इंद्राज देखकर उन्होंने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड ही पुलिस की असली ताकत है। अगर रिकॉर्ड दुरुस्त होगा तो अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, वह पुलिस से बच नहीं पाएगा।
मालखाना के निरीक्षण के दौरान उन्होंने जब्तशुदा शराब, वाहन, हथियार और अन्य सामग्री का मिलान रजिस्टर से किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जब्त माल का कोर्ट में समय पर पेश किया जाए और उसकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। शस्त्रागार में उन्होंने हथियारों की सफाई, उनके रखरखाव और गोला-बारूद की गिनती की। वहां भी व्यवस्था दुरुस्त मिली।
इस पूरे निरीक्षण के दौरान आईजी को सबसे ज्यादा पसंद आई कोतवाली की साफ-सफाई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर थाने गंदे देखे जाते हैं, लेकिन कोतवाली पन्ना एक मॉडल थाना जैसा दिख रहा है। कार्यालय, बैरक, शौचालय, भोजनालय और हवालात सब साफ-सुथरे हैं। थाने में किचन गार्डन और फूलों के पौधे लगे हैं, जिससे सकारात्मक माहौल बनता है। इस पर उन्होंने थाना प्रभारी और उनकी पूरी टीम की प्रशंसा की और कहा कि जिले के अन्य सभी थानों को कोतवाली से सीख लेनी चाहिए।
अमानगंज थाने में किया जवानों से संवाद, जानी समस्याएं
कोतवाली के बाद आईजी इरशाद वली का काफिला अमानगंज थाना पहुंचा। अमानगंज पन्ना जिले का ग्रामीण और संवेदनशील थाना है। इस थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन, अवैध शराब का कारोबार और जुआ-सट्टा जैसी समस्याएं ज्यादा हैं।
अमानगंज पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले थाने के लंबित अपराधों की समीक्षा की। उन्होंने थाने में दर्ज पुराने मामलों की फाइलें मंगवाईं और देखा कि कितने मामलों में चालान पेश होना बाकी है। उन्होंने थाना प्रभारी को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी अपराध को बिना वजह लंबित न रखा जाए। विशेषकर एससी-एसटी एक्ट, महिला अपराध और संपत्ति संबंधी अपराधों में जल्द से जल्द चालान पेश कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।
उन्होंने बीट सिस्टम को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि बीट सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है। हर बीट आरक्षक को अपने क्षेत्र के गांवों में नियमित भ्रमण करना चाहिए। गांव के कोटवार, पटेल, सरपंच और ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों से संपर्क में रहना चाहिए। इससे अपराधों की सूचना पहले ही मिल जाती है।
इसके बाद उन्होंने थाने में तैनात आरक्षकों, प्रधान आरक्षकों, सहायक उप निरीक्षकों की एक बैठक ली। यह बैठक काफी आत्मीय रही। उन्होंने जवानों से सीधे पूछा कि उन्हें ड्यूटी के दौरान क्या-क्या समस्याएं आती हैं। कई जवानों ने बताया कि लगातार ड्यूटी से उन्हें अवकाश नहीं मिल पाता। कुछ ने आवास और भोजन की समस्या भी बताई। आईजी ने बड़े ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि जवानों की समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि जवान ही पुलिस विभाग की रीढ़ हैं, अगर जवान खुश रहेगा तो ही वह अच्छी पुलिसिंग कर पाएगा।
पुलिसकर्मियों को दिए 7 महत्वपूर्ण निर्देश
निरीक्षण के अंत में आईजी ने दोनों थानों के पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए 7 महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
पहला निर्देश - हर थाने में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक जनसुनवाई अनिवार्य रूप से की जाए। इस दौरान थाना प्रभारी खुद थाने में मौजूद रहकर फरियादियों की शिकायतें सुनें। कोई भी फरियादी थाने से निराश होकर नहीं जाना चाहिए।
दूसरा निर्देश - जिले में अवैध गतिविधियों जैसे अवैध शराब, जुआ, सट्टा, अवैध रेत उत्खनन और मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जाए। इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और उनके नेटवर्क को तोड़ा जाए।
तीसरा निर्देश - रात्रि गश्त और पेट्रोलिंग को और बढ़ाया जाए। रात में होने वाली चोरियों पर रोक लगाने के लिए पैदल गश्त और वाहन गश्त दोनों को मजबूत किया जाए।
चौथा निर्देश - सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाए। आजकल कई अपराध सोशल मीडिया के माध्यम से होते हैं और कई बार अफवाहें भी फैलाई जाती हैं। इसलिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रखा जाए।
पांचवां निर्देश - अनुशासन और वर्दी का सम्मान बनाए रखा जाए। पुलिसकर्मी वर्दी में अनुशासित रहें और जनता के साथ शालीनता से पेश आएं।
छठा निर्देश - महिला और बच्चों से संबंधित अपराधों में त्वरित कार्रवाई हो। पीड़िता को थाने में पूरा सहयोग और सम्मान मिले।
सातवां निर्देश - जनता के साथ समन्वय और विश्वास को मजबूत किया जाए। ग्राम रक्षा समिति, नगर रक्षा समिति और शांति समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। पुलिस मित्र की धारणा को मजबूत किया जाए।
उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस की नौकरी सिर्फ नौकरी नहीं है, बल्कि यह देश और समाज की सेवा है। वर्दी पहनने के बाद हमारा पहला कर्तव्य जनता की सुरक्षा और सेवा है। इसलिए सभी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
नई ऊर्जा का संचार
आईजी श्री इरशाद वली के इस पहले पन्ना दौरे ने जिले की पुलिस में नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। वे एक तेज-तर्रार, ईमानदार और अनुशासनप्रिय अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उनकी कार्यशैली से जिले में अपराधों पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक पन्ना ने कहा कि आईजी महोदय के सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और जिले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। आम जनता ने भी इस दौरे की सराहना की है।
अजयगढ़ पन्ना से राजकुमार प्रजापति की खास रिपोर्ट
हमारी टीम का विशेष आभार
संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)

