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| Panna Majhgayan Dam Kisan Andolan |
पत्रकार: राजकुमार प्रजापति। अजयगढ़, पन्ना मध्यपदेश, 17 सितम्बर 2026
मुआवजा विसंगतियों के खिलाफ मझगांय डेम पर महाआंदोलन, कांग्रेस का समर्थन - किसानों को न्याय तक अंतिम क्षण तक लड़ेगी कांग्रेस
Panna News: आपका न्यूज स्टार के संवाददाता राजकुमार प्रजापति आंदोलन के स्थान पर मौजूद रहे और राजकुमार जी ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में इन दिनों केन-बेतवा लिंक परियोजना और मझगांय-रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों का मुद्दा गरमा गया है। मुआवजा वितरण में कथित विसंगतियों और अन्याय को लेकर समाजसेवी अमित भटनागर के नेतृत्व में मझगांय डेम पर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इस आंदोलन को अब जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना ने अपना खुला समर्थन दे दिया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज आंदोलन स्थल पर पहुंचा और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
क्या है पूरा मामला?
पन्ना जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली दो बड़ी परियोजनाओं - केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना और मझगांय-रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के कारण सैकड़ों किसानों की उपजाऊ जमीन, मकान और खड़ी फसलें अधिग्रहित की गई हैं। सरकार द्वारा इन किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन प्रभावित किसानों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं और विसंगतियां बरती जा रही हैं।
किसानों का कहना है कि एक ही गांव में, एक ही तरह की जमीन के लिए अलग-अलग मुआवजा राशि दी जा रही है। किसी को बाजार दर से कम मुआवजा मिल रहा है तो किसी की संपत्तियों का सही मूल्यांकन ही नहीं किया गया। कई किसानों की फसलों और पेड़ों का मुआवजा तो अभी तक दिया ही नहीं गया है।
इन्हीं विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर प्रसिद्ध समाजसेवी श्री अमित भटनागर ने मझगांय डेम पर धरना-आंदोलन शुरू किया है। यह आंदोलन पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है।
कौन हैं आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर?
अमित भटनागर पन्ना-बुंदेलखंड क्षेत्र के एक जाने-माने समाजसेवी हैं। वे लंबे समय से किसानों, आदिवासियों और विस्थापितों के हकों के लिए आवाज उठाते रहे हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट में किसानों के हितों की अनदेखी न हो, इसके लिए वे लगातार प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
कांग्रेस ने क्यों दिया समर्थन? अनीश खान ने क्या कहा?
आज दोपहर जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के अध्यक्ष अनीश खान अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ मझगांय डेम स्थित आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।
इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान ने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा से किसान, मजदूर और गरीब के हक की लड़ाई लड़ती आई है। केन-बेतवा और मझगांय-रूंज परियोजनाएं विकास के लिए जरूरी हैं, हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय और मुआवजे में विसंगति बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारी स्पष्ट मांग है कि किसानों को उनकी भूमि, उनकी खड़ी फसल, उनके कुएं, मकान और पेड़ों का उचित और न्यायसंगत मुआवजा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रावधानों के अनुसार दिया जाए। एक ही क्षेत्र में दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। कांग्रेस पार्टी इस न्याय की लड़ाई में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और अंतिम क्षण तक, जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता, हम इस आंदोलन के साथ रहेंगे।"
अनीश खान ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे को जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश स्तर तक उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो भोपाल में भी इस मुद्दे पर आवाज बुलंद की जाएगी।
केन-बेतवा लिंक परियोजना क्या है और पन्ना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की कमी को दूर करना है। इस परियोजना के तहत केन नदी का अतिरिक्त पानी बेतवा नदी में भेजा जाएगा, जिससे पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और यूपी के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की समस्या खत्म होगी।
लेकिन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व के एक बड़े हिस्से सहित कई गांवों की जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है, जिससे बड़े पैमाने पर विस्थापन हो रहा है।
वहीं, मझगांय-रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना पन्ना जिले की अपनी स्थानीय सिंचाई परियोजना है, जिससे हजारों हेक्टेयर जमीन में सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं?
आंदोलन कर रहे किसानों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
1. समान मुआवजा नीति: एक ही गांव में सभी प्रभावित किसानों को जमीन की एक समान दर पर मुआवजा दिया जाए, इसमें भेदभाव न किया जाए।
2. संपत्तियों का सही मूल्यांकन: कई किसानों के मकान, कुएं, बोरवेल और फलों के बगीचों का मूल्यांकन बाजार दर पर नहीं किया गया है। इसका पुनः मूल्यांकन किया जाए।
3. फसल मुआवजा: जिन किसानों की खड़ी फसल अधिग्रहण के दौरान नष्ट हुई है, उन्हें उसका पूरा मुआवजा दिया जाए।
4. पुनर्वास की उचित व्यवस्था: जिन किसानों की पूरी जमीन चली गई है, उनके परिवारों के लिए पुनर्वास और रोजगार की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
5. पारदर्शिता: पूरी मुआवजा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और किसानों को उनकी जमीन के दस्तावेजों की जानकारी सरल भाषा में दी जाए।
मुआवजा कानून क्या कहता है?
भारत में जमीन अधिग्रहण के लिए "भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013" लागू है। इस कानून के अनुसार, किसानों को बाजार मूल्य का 2 से 4 गुना तक मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही सोलेशियम और अन्य भत्ते भी मिलने चाहिए। किसानों का आरोप है कि इस कानून का पालन पूरी तरह से नहीं हो रहा है।
अब आगे क्या होगा?
कांग्रेस के समर्थन मिलने के बाद इस आंदोलन को और अधिक बल मिल गया है। माना जा रहा है कि अब जिला प्रशासन पर इस मामले को गंभीरता से लेने का दबाव बढ़ेगा। समाजसेवी अमित भटनागर ने स्पष्ट किया है कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा, चाहे इसके लिए उन्हें अनिश्चितकाल तक धरने पर ही क्यों न बैठना पड़े।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनीश खान ने भी प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुआवजा विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पन्ना जिला प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारी इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं। किसानों को न्याय मिलना ही इस पूरे आंदोलन का एकमात्र लक्ष्य है।
निष्कर्ष: विकास जरूरी है, लेकिन विकास की कीमत गरीब किसान अपनी जमीन देकर चुका रहा है। ऐसे में उसे उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास देना सरकार और प्रशासन की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। मझगांय डेम पर चल रहा यह आंदोलन इसी जिम्मेदारी की याद दिला रहा है।
हमारी टीम का विशेष आभार
संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)
