टीकमगढ़ में सुरक्षित बचपन अभियान का शुभारंभ, बच्चों को बताया गुड टच-बैड टच

टीकमगढ़ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में सुरक्षित बचपन अभियान शुभारंभ


सुरक्षित बचपन अभियान का किया गया शुभारंभ, बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति किया जागरूक

By - ब्यूरो रिपोर्ट, पन्ना | 01 नवम्बर 2026 | Tikamgarh News 

Tikamgarh News: बच्चों का बचपन सुरक्षित हो, वे अपने अधिकारों को जानें और किसी भी तरह के शोषण से खुद को बचा सकें, इसी पवित्र उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश में "सुरक्षित बचपन अभियान" का शुभारंभ किया गया है। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टीकमगढ़ श्रीमती प्रवीणा व्यास के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टीकमगढ़ के ए.डी.आर. भवन के सभाकक्ष में इस अभियान का प्रसारण और कार्यशाला आयोजित की गई।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। आज के समय में जब बच्चों के खिलाफ अपराधों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, ऐसे में यह अभियान बच्चों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगा।

कार्यक्रम का राज्य स्तरीय शुभारंभ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में किया गया, जिसका सीधा प्रसारण यू-ट्यूब के माध्यम से टीकमगढ़ सहित प्रदेश के सभी जिलों में किया गया। टीकमगढ़ में भी बच्चों ने बड़े ध्यान से इस प्रसारण को देखा और सुना।

अमरकंटक में जस्टिस विवेक रूसिया ने किया राज्य स्तरीय शुभारंभ

सुरक्षित बचपन अभियान के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यपालक अध्यक्ष, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर माननीय न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया जी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम का आरंभ राष्ट्रगान के साथ किया गया।

इस गरिमामय अवसर पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री दीपक खोट, सदस्य सचिव म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर सुश्री सुमन श्रीवास्तव, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के रजिस्ट्रार श्री एन.एस. हरी नारायण मूर्ति एवं अन्य न्यायाधीशगण व अधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा ही देश के भविष्य की सुरक्षा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक रूसिया जी ने कहा कि बच्चे देश ही नहीं बल्कि विश्व की धरोहर हैं। यदि बच्चे सुरक्षित रहेंगे और उनका समुचित विकास होगा तो वे न केवल देश बल्कि अन्य देशों के विकास में भी मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि जहां कुछ देश बच्चों की संख्या में कमी से जूझ रहे हैं, वहीं भारत बच्चों और युवाओं से एक समृद्ध देश है। यह हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम बच्चों की परेशानियों को समझें और उनके समुचित विकास के लिए उन्हें उचित माहौल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का यह दायित्व है कि वह अंतिम छोर पर खड़े बच्चे तक न्याय और सुरक्षा की जानकारी पहुंचाए।

टीकमगढ़ में ADR भवन में हुई उड़ान कार्यशाला

राज्य स्तरीय कार्यक्रम के यू-ट्यूब प्रसारण के बाद टीकमगढ़ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ADR भवन के सभाकक्ष में "उड़ान कार्यशाला" का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न विद्यालयों के बच्चे उपस्थित रहे। बच्चों में इस विषय को लेकर काफी उत्सुकता देखी गई।

कार्यशाला की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रवीणा व्यास ने की। उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद किया और बेहद सरल शब्दों में उन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने शरीर के प्रति जागरूक होना चाहिए।

श्रीमती व्यास ने कहा, "जो व्यवहार हमें अच्छा लगे, जिससे हमें प्यार और सुरक्षा महसूस हो, वह गुड टच है। जैसे माता-पिता का प्यार से सिर पर हाथ फेरना। और जो व्यवहार हमको अच्छा महसूस न कराए, जिससे हम असहज हो जाएं, डर लगे या शर्मिंदगी महसूस हो, वह बैड टच है। यदि कोई भी व्यक्ति बैड टच करता है तो बच्चों को तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताना चाहिए। चुप नहीं रहना चाहिए।"

उनके इस सरल समझाने के तरीके से बच्चों ने इस संवेदनशील विषय को आसानी से समझा।

सचिव ने दी शारीरिक और मानसिक विकास की जानकारी

कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टीकमगढ़ श्री वरुण पुनासे के द्वारा बच्चों को उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास हेतु उपयोगी जानकारी दी गई। उन्होंने बच्चों को बताया कि अच्छा खान-पान, नियमित खेल-कूद और सकारात्मक सोच उनके विकास के लिए कितनी जरूरी है। उन्होंने बच्चों को बाल अधिकारों, जैसे शिक्षा का अधिकार, खेलने का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार और अपनी बात कहने के अधिकार के बारे में भी बताया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार होता है तो वह चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर सकता है या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निशुल्क कानूनी सहायता ले सकता है।

"मेरी आवाज सुनो" वीडियो ने जीता दिल

कार्यक्रम के दौरान एक विशेष वीडियो "मेरी आवाज सुनो" का भी प्रदर्शन किया गया। यह वीडियो विशेष रूप से श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांग बच्चों के लिए बनाया गया था। इस वीडियो के माध्यम से सांकेतिक भाषा में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में समझाया गया। इस वीडियो को देखकर सभागार में मौजूद सभी लोग भावुक हो गए और उन्होंने इस पहल की सराहना की। यह दर्शाता है कि सुरक्षित बचपन अभियान हर बच्चे तक पहुंचना चाहता है, चाहे वह किसी भी वर्ग या स्थिति का हो।

आगामी सप्ताह में स्कूलों में होंगे कार्यक्रम

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टीकमगढ़ ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि आगामी सप्ताह में जिले के विभिन्न विद्यालयों में इस अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम, पैनल अधिवक्ता और पैरा लीगल वालंटियर्स स्कूल-स्कूल जाकर बच्चों को जागरूक करेंगे। नुक्कड़ नाटक, चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में बताया जाएगा।

इस अभियान का उद्देश्य है कि टीकमगढ़ जिले का हर बच्चा सुरक्षित महसूस करे और उसे यह पता हो कि यदि उसके साथ कुछ गलत होता है तो न्याय प्रणाली उसके साथ खड़ी है।

कुल मिलाकर टीकमगढ़ में शुरू हुआ सुरक्षित बचपन अभियान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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