सरदार पटेल जयंती के उपलक्ष्य में पन्ना में ‘सृजन संवाद’ के मास्टर ट्रेनर्स व उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित
By - ब्यूरो रिपोर्ट, पन्ना | 01 नवम्बर 2026 | Panna News
Panna News: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती, जिसे पूरा देश राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाता है, के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक गरिमामय और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित छत्रसाल शासकीय अग्रणी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पन्ना के सभागार में पुलिस विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी अभियान ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ को सफल बनाने वाले नायकों को सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन शिक्षकों, प्राध्यापकों और पुलिसकर्मियों के समर्पण को नमन था, जिन्होंने कक्षाओं से निकलकर युवाओं को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने का बीड़ा उठाया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ के साथ-साथ सरदार पटेल के अखंड भारत के सपने को युवाओं के माध्यम से साकार करने का संकल्प भी लिया गया।
राष्ट्रीय एकता दिवस और सरदार पटेल जयंती का महत्व
31 अक्टूबर को देश के प्रथम उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई जाती है। सरदार पटेल को लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल रणनीति से 562 रियासतों को एकीकृत कर आधुनिक अखंड भारत का निर्माण किया था। उनके इसी अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने 2014 से उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
इस दिन का मुख्य उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों में एकता की भावना को मजबूत करना है। पन्ना में आयोजित यह कार्यक्रम इसी उद्देश्य को सार्थक कर रहा था। जब एक मंच पर शिक्षा और पुलिस प्रशासन दोनों साथ आते हैं, तो युवाओं में अनुशासन, एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना और भी प्रबल होती है।
छत्रसाल PG कॉलेज में गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन
छत्रसाल शासकीय अग्रणी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पन्ना, जो बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है, के सभागार में इस विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, सागर संभाग डॉ. आर.के. गोस्वामी उपस्थित रहे। उनके साथ पन्ना की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री वंदना चौहान विशेष रूप से मौजूद रहीं। दोनों ही अधिकारियों ने इस अभियान को जिले में सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले लोगों की सराहना की।
इस अवसर पर मंच पर रक्षित निरीक्षक पन्ना श्री आदित्य मिश्रा, नगर निरीक्षक कोतवाली पन्ना श्री हेमंत नायक, शासकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरिजेश शाक्य एवं जिले के समस्त शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.पी. मिश्रा, डॉ. मनोरमा गुप्ता, श्री नरेश कुमार पटेल एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. बी.एन. जायसवाल सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण, पुलिस बल के जवान और छात्र-छात्राएं भी सभागार में मौजूद थे।
कार्यक्रम का संचालन अत्यंत गरिमापूर्ण तरीके से किया गया और पूरे आयोजन में राष्ट्रीय एकता की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
अतिरिक्त संचालक ने दिलाई राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा, सागर संभाग डॉ. आर.के. गोस्वामी ने सभागार में उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।
सभी ने एक स्वर में दोहराया - "मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूँ कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ, जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।"
शपथ ग्रहण के दौरान पूरे सभागार में देशभक्ति और एकता का अद्भुत माहौल बन गया। छात्र-छात्राओं ने पूरी ऊर्जा के साथ इस शपथ को लिया।
क्या है ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ अभियान?
पन्ना जिले में पिछले कुछ महीनों से पुलिस विभाग और उच्च शिक्षा विभाग मिलकर ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ नाम से एक अनूठा अभियान चला रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक जीवन के लिए तैयार करना है।
आज के समय में युवा कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं - साइबर क्राइम, सड़क हादसे, नशे की लत, कानून की जानकारी का अभाव और अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति अनभिज्ञता। इसी को ध्यान में रखते हुए इस अभियान को डिजाइन किया गया है।
इस अभियान के तहत जिले के सभी शासकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में लगातार जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है:
1. भारतीय संविधान और नागरिक कर्तव्य: विद्यार्थियों को संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया जाता है, ताकि वे एक जागरूक नागरिक बन सकें।
2. महिला एवं बाल अधिकार: महिला सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा कानून और बाल अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाती है ताकि छात्राएं अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें।
3. सड़क सुरक्षा और यातायात नियम: हेलमेट और सीट बेल्ट का महत्व, ओवरस्पीडिंग के खतरे और यातायात नियमों का पालन करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया जाता है।
4. साइबर सुरक्षा: आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और उससे बचने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया जाता है।
5. डायल 112 प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण: किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल करने से कैसे तुरंत पुलिस सहायता मिलती है, इसका लाइव डेमो भी दिया जाता है।
6. पुलिस कार्यप्रणाली से रूबरू: इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि विद्यार्थियों को थानों और पुलिस कंट्रोल रूम का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाता है। वहां उन्हें एफआईआर कैसे दर्ज होती है, कंट्रोल रूम कैसे काम करता है और पुलिस 24 घंटे कैसे जनता की सेवा करती है, यह सब करीब से देखने को मिलता है।
8 प्रमुख मास्टर ट्रेनर्स और सहयोगियों को किया गया सम्मानित
इस वृहद अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका सबसे अहम रही है। ये वही शिक्षक और पुलिसकर्मी हैं जिन्होंने अतिरिक्त समय निकालकर, अपनी ड्यूटी के बाद भी विद्यार्थियों को जागरूक करने का काम किया है। सरदार पटेल जयंती के इस पावन मंच से ऐसे ही 8 प्रमुख मास्टर ट्रेनर्स और सहयोगियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों की सूची इस प्रकार है:
1. डॉ. जे.के. वर्मा – प्राचार्य, छत्रसाल शासकीय पीजी कॉलेज, पन्ना: डॉ. वर्मा के नेतृत्व में ही पूरे जिले में इस अभियान को गति मिली। उन्होंने अपने महाविद्यालय को इस अभियान का नोडल सेंटर बनाया और सभी कॉलेजों के बीच समन्वय स्थापित किया।
2. डॉ. अमरजीत साहू – सह प्राध्यापक (अर्थशास्त्र), छत्रसाल शासकीय पीजी कॉलेज, पन्ना: डॉ. साहू ने युवाओं को आर्थिक अपराधों और वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।
3. सुश्री मनीषा शर्मा – सह प्राध्यापक (वनस्पति शास्त्र), छत्रसाल शासकीय पीजी कॉलेज, पन्ना: महिला सशक्तिकरण और छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में सुश्री शर्मा का योगदान सराहनीय रहा।
4. श्री अजय कुमार राय – उच्च माध्यमिक शिक्षक, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पन्ना: श्री राय ने स्कूली स्तर पर बच्चों को कानून और नागरिक कर्तव्यों की जानकारी सरल भाषा में दी, जिससे बच्चे आसानी से समझ सके।
5. श्री मनोज कुमार खरे – खेल शिक्षक, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पन्ना: खेल के माध्यम से अनुशासन और टीम भावना का संदेश देने और युवाओं को नशे से दूर रखने में श्री खरे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
6. श्री इमरान खान – प्रधान आरक्षक, पुलिस विभाग, पन्ना: श्री इमरान खान ने पुलिस विभाग की ओर से विद्यार्थियों को डायल 112 और साइबर सुरक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
7. श्री भान सिंह यादव – प्रधान आरक्षक, पुलिस विभाग, पन्ना: श्री यादव ने थानों के भ्रमण और पुलिस की कार्यप्रणाली को समझाने में युवाओं की काफी मदद की।
8. डायरेक्टर, आधार संस्था – एन.जी.ओ. प्रतिनिधि: आधार संस्था ने इस अभियान में एनजीओ के रूप में सहयोग किया और वंचित वर्ग के बच्चों तक इस अभियान को पहुंचाने में मदद की।
इन सभी को मंच से सम्मानित किए जाने पर सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। यह सम्मान उनके लिए आगे और भी बेहतर काम करने की प्रेरणा बनेगा।
अधिकारियों के प्रेरणादायी उद्बोधन
समारोह को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना सुश्री वंदना चौहान ने कहा कि सरदार पटेल के अखंड भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए युवा पीढ़ी का जागरूक और अनुशासित होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "पुलिस और जनता के बीच अक्सर एक दूरी बनी रहती है। ‘सृजन संवाद’ जैसे अभियान इसी दूरी को मिटाने का काम कर रहे हैं। जब युवा पुलिस की कार्यप्रणाली को समझेंगे, तो उनके मन में कानून के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना बढ़ेगी। आज के युवा ही कल के भारत का भविष्य हैं, इसलिए उनमें सुरक्षा, कानून और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भरना बेहद जरूरी है।"
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे.के. वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा और पुलिस प्रशासन का यह समन्वय युवाओं को एक सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षा का मतलब केवल डिग्री लेना माना जाता था, लेकिन अब शिक्षा का उद्देश्य एक अच्छा नागरिक बनाना भी है। यह अभियान इसी दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने सभी सम्मानित मास्टर ट्रेनर्स को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह अभियान आगे भी इसी तरह चलता रहेगा।
अतिरिक्त संचालक डॉ. आर.के. गोस्वामी ने कहा कि पन्ना जिले में चलाया जा रहा यह मॉडल पूरे सागर संभाग के लिए एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि वे इस मॉडल को संभाग के अन्य जिलों में भी लागू करने का प्रयास करेंगे।
छात्र-छात्राओं में दिखा उत्साह, बोले - बहुत कुछ सीखने को मिला
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने भी इस अभियान को लेकर अपना अनुभव साझा किया। बीए अंतिम वर्ष की एक छात्रा ने बताया कि पहले उसे लगता था कि पुलिस थाने में जाना बहुत डरावना होता है, लेकिन थाने के भ्रमण के बाद उसका यह डर खत्म हो गया। अब उसे पता चला है कि पुलिस हमारी मदद के लिए ही है।
एक अन्य छात्र ने कहा कि साइबर सुरक्षा सत्र में उसे पता चला कि कैसे अनजान लिंक पर क्लिक करने से उसका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। यह जानकारी उसके लिए बहुत उपयोगी साबित हुई।
निष्कर्ष: युवा ही बनेंगे एकता के सजग प्रहरी
पन्ना में आयोजित यह सम्मान समारोह इस बात का प्रमाण है कि जब शिक्षा और सुरक्षा दोनों विभाग एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो समाज में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सरदार पटेल जयंती के अवसर पर मास्टर ट्रेनर्स का यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की स्वीकृति है।
‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ अभियान ने पन्ना के युवाओं को न केवल कानून के प्रति जागरूक किया है, बल्कि उनमें एक जिम्मेदार और सजग नागरिक बनने की भावना भी भरी है। यही जागरूक युवा कल सरदार पटेल के अखंड और एक भारत के सपने को साकार करने वाले सच्चे सिपाही बनेंगे।
हमारी टीम का विशेष आभार
संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)



