Panna Collector Sakht: लंबित शिकायतों में लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई, TL बैठक में कलेक्टर हर्ष सिंह ने दिए कड़े निर्देश
By - ब्यूरो रिपोर्ट, पन्ना | 02 नवम्बर 2026 | Panna News
Panna News: जिले में शासकीय कामकाज में लेट-लतीफी और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर हर्ष सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा यानी टीएल बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दे दी है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि सभी लंबित शिकायतों और प्रकरणों का निराकरण समय पर होना चाहिए। जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, उसकी जिम्मेदारी तय कर उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना जैसे आदिवासी बाहुल्य और पिछड़े जिले में अक्सर देखने को मिलता है कि आम जनता की छोटी-छोटी शिकायतें महीनों तक फाइलों में दबी रहती हैं। सीएम हेल्पलाइन के कई प्रकरण 100 दिन से ज्यादा पुराने हो चुके हैं। इसी को लेकर कलेक्टर इस बार काफी नाराज नजर आए।
100 दिन से ज्यादा पुरानी CM Helpline शिकायतों पर कलेक्टर ने लगाया फोन
बैठक का सबसे अहम हिस्सा तब रहा जब कलेक्टर ने 100 दिन से अधिक समय से लंबित सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की विभागवार समीक्षा शुरू की। समीक्षा के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की एक शिकायत पर कलेक्टर इतने नाराज हुए कि उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी से मौके पर ही शिकायतकर्ता को फोन लगवाया।
फोन पर शिकायतकर्ता से बात कर कलेक्टर ने उसकी समस्या की हकीकत जानी और फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिर्फ कागजों में शिकायत बंद करना निराकरण नहीं है, बल्कि उसका गुणवत्तापूर्ण निराकरण होना चाहिए। उन्होंने डीपीओ को निर्देश दिया कि जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और विभागीय संस्थाओं का लगातार निरीक्षण किया जाए।
इसी दौरान गुनौर के पोषण पुनर्वास केंद्र में बेड खाली रहने पर भी कलेक्टर ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या है तो एनआरसी में बेड खाली क्यों हैं? क्या आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को चिन्हित नहीं कर रही हैं? इस पर उन्होंने स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए।
रोजगारपरक योजनाओं पर फोकस, लीड बैंक को दिए निर्देश
कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि अभी वित्तीय वर्ष का तीसरा त्रैमास चल रहा है। यह समय सभी विभागों के लिए लक्ष्य पूरा करने का है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि रोजगारपरक प्रकरणों का निराकरण टारगेट के हिसाब से किया जाए। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने लीड बैंक अधिकारी को विशेष रूप से निर्देशित किया कि जितने भी प्रकरण बैंकों ने स्वीकृत किए हैं, उनमें तुरंत ऋण वितरण की कार्रवाई की जाए। अक्सर देखा जाता है कि प्रकरण स्वीकृत होने के बाद भी बैंक लोन नहीं बांटते हैं जिससे हितग्राही परेशान होता है। कलेक्टर ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के काम में तेजी लाई जाए। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भी अपने टारगेट बढ़ाने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग और पंचायतों को भी फटकार
जिला शिक्षा अधिकारी को भी कलेक्टर ने जमकर फटकार लगाई। उन्होंने शिक्षकों के अटैचमेंट की जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों का संलग्नीकरण खत्म हो चुका है, अगर वे अब भी मूल जगह पर नहीं जा रहे हैं तो उन पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं को साइकिल वितरण और अपार आईडी बनाने के काम की भी समीक्षा की गई। डीपीसी को निर्देश दिया गया कि जहां जरूरत है वहां आधार मशीन भेजकर बच्चों का आधार पंजीयन और अपडेशन का काम पूरा किया जाए। प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं का नियमित निरीक्षण भी करने को कहा गया है।
वहीं जिला पंचायत सीईओ को वीसी के जरिए सभी जनपद पंचायतों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों के माध्यम से रजिस्ट्री के काम में तेजी लाने को कहा गया है। समग्र डी-लिंक के लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई और सभी जनपद सीईओ को यह काम तुरंत पूरा करने को कहा।
दीपावली पर कार्बाइड गन पर पूर्ण प्रतिबंध, बर्न यूनिट तैयार रखने के निर्देश
आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए कलेक्टर ने एक बड़ा और जनहितैषी फैसला लिया है। जिले में इस बार दीपावली पर कार्बाइड गन के विक्रय और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि इसका निर्माण और विक्रय दोनों ही अपराध की श्रेणी में आता है। पिछले साल कई जिलों में कार्बाइड गन से बच्चों के घायल होने और आंखों की रोशनी जाने की घटनाएं सामने आई थीं, इसलिए प्रशासन इस बार पहले से ही सख्त है।
कलेक्टर ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि दीपावली के दौरान जिला अस्पताल में बर्न यूनिट में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। नगर पालिका के सीएमओ को फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को हर समय तैयार रखने के लिए कहा गया है। आतिशबाजी के लाइसेंस को लेकर भी चर्चा हुई और सभी एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को रोजाना संयुक्त रूप से पटाखा दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त होंगे, जमीन आवंटन में देरी पर भी नाराजगी
सड़क हादसों को लेकर भी कलेक्टर काफी गंभीर नजर आए। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में होने वाले सड़क हादसों की पुलिस के साथ मिलकर जांच की जाए। अगर जांच में पता चलता है कि हादसा वाहन चालक की लापरवाही से हुआ है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाए।
इसके अलावा भूमि आवंटन के प्रकरणों को लेकर भी कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को ताकीद किया कि बिना किसी ठोस कारण के भूमि आवंटन का कोई भी प्रकरण एक हफ्ते से ज्यादा लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि फाइलें लेट होने से न सिर्फ सरकारी प्रोजेक्ट में देरी होती है बल्कि उसकी लागत भी बढ़ जाती है, जिसका सीधा नुकसान जनता को होता है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश जो बैठक में दिए गए
1. सभी विभागीय जांच के प्रकरणों की सूची बनाकर पेश की जाए और जांच के आदेश होने के बाद संबंधित कर्मचारी को 7 दिन के अंदर बुलाने की कार्रवाई की जाए।
2. उप संचालक कृषि से जिले में बने कस्टम हायरिंग सेंटरों की जानकारी ली और उन्हें किसानों के लिए और उपयोगी बनाने को कहा।
3. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आजीविका गतिविधियों को मजबूत करने और उनके द्वारा संचालित स्वरोजगार इकाइयों का निरीक्षण करने को कहा।
4. बैठक में बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर मत्स्य पालन विभाग के सहायक संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
5. पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर सभी विभागों की आईडी बनाने के निर्देश दिए।
6. मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविरों में दो दिन पहले से ही आधार अपडेशन का शिविर लगाने, मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था सुधारने और खाद्यान्न वितरण के लिए 100% ई-केवाईसी पूरा करने के निर्देश दिए।
7. नवीन पात्रता पर्ची और सड़क दुर्घटना के मामलों में पटवारियों द्वारा समय पर रिपोर्ट भेजने पर भी चर्चा हुई।
8. सभी विभाग प्रमुखों को तीन दिन के अंदर सशस्त्र सेना झंडा दिवस की राशि जमा करने और शाहनगर के अंबेडकर भवन को एक हफ्ते में हैंडओवर करने के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर देखें तो पन्ना कलेक्टर हर्ष सिंह की यह टीएल बैठक सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि आने वाले दिनों में जिले के प्रशासनिक कामकाज का रोडमैप तय करने वाली बैठक थी। कलेक्टर के इन सख्त तेवरों से एक बात तो साफ है कि अब जिले में काम न करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं है। आम जनता को इसका सीधा फायदा मिलेगा और उनकी शिकायतों का निराकरण अब तेजी से हो सकेगा।
FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल 1: पन्ना कलेक्टर की TL बैठक क्या होती है?
जवाब: TL यानी टाइम लिमिट बैठक। इसमें हर हफ्ते सभी विभागों के लंबित कामों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा कलेक्टर खुद करते हैं।
सवाल 2: कार्बाइड गन पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है?
जवाब: कार्बाइड गन से तेज धमाका होता है जिससे बच्चों की आंख, कान और हाथ में गंभीर चोट लग सकती है। पिछले साल कई हादसे होने के कारण इस पर प्रतिबंध लगाया गया है।
सवाल 3: अगर मेरी सीएम हेल्पलाइन शिकायत 100 दिन से लंबित है तो क्या करूं?
जवाब: आप कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दिन मंगलवार को अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर से सीधे मिल सकते हैं। कलेक्टर ने खुद कहा है कि पुरानी शिकायतों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
हमारी टीम का विशेष आभार
संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)


