मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: श्रवणबेलगोला यात्रा के लिए पन्ना के 113 तीर्थयात्रियों का लॉटरी से चयन

कलेक्टर कार्यालय पन्ना में श्रवणबेलगोला तीर्थ यात्रा के लिए रेण्डमाईजेशन पद्धति से लॉटरी द्वारा तीर्थयात्रियों का चयन करतीं कलेक्टर ऊषा परमार

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना 2026: श्रवण बेलगोला यात्रा के लिए पन्ना में लॉटरी से 113 बुजुर्गों का चयन, देखें पूरी लिस्ट और यात्रा की तैयारी

By - ब्यूरो रिपोर्ट, पन्ना | 10 अक्टूबर 2026 | Panna MP News

MP News: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से हमारे संवाददाता नहीं बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना ने एक बार फिर प्रदेश के बुजुर्गों के जीवन में खुशियां भर दी हैं। पन्ना जिले में बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां पूरी पारदर्शिता और तकनीक के साथ श्रवणबेलगोला तीर्थ यात्रा के लिए यात्रियों का चयन किया गया। इस दौरान रेण्डमाईजेशन पद्धति से लॉटरी निकाली गई और कुल 113 तीर्थयात्रियों को इस पवित्र यात्रा के लिए चुना गया।

कलेक्टर ऊषा परमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आवेदक बुजुर्ग मौजूद रहे। जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी वैष्णवी शुक्ला द्वारा NIC के विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया संपादित की गई, ताकि किसी भी तरह के पक्षपात की संभावना न रहे।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना क्या है? उद्देश्य और लाभ

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना आज प्रदेश की सबसे सफल योजनाओं में से एक बन चुकी है। वर्तमान सरकार ने भी इस योजना को और अधिक विस्तार दिया है। इस योजना का मूल मंत्र है - "बुजुर्गों का सम्मान, तीर्थों का दर्शन"।

अक्सर देखा जाता है कि हमारे घरों में बुजुर्ग माता-पिता जीवन भर परिवार की जिम्मेदारियों में उलझे रहते हैं और पैसों की कमी के कारण वे अपने पसंदीदा तीर्थ स्थल के दर्शन नहीं कर पाते। इसी कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने यह योजना शुरू की।

योजना के मुख्य लाभ:

1. पूरी तरह निःशुल्क यात्रा: इस योजना में 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ता। ट्रेन/बस का टिकट, रहने के लिए धर्मशाला/होटल, सुबह-शाम का भोजन, चाय-नाश्ता सब सरकार देती है।

2. चिकित्सा सुविधा: यात्रा के दौरान बुजुर्गों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाता है। हर जत्थे के साथ एक डॉक्टर, नर्स और आवश्यक दवाइयों की किट साथ भेजी जाती है।

3. सुरक्षा व्यवस्था: पूरे जत्थे के साथ एक प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के जवान भी साथ रहते हैं, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

4. सम्मान: सरकार बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा के दौरान विशेष अतिथि की तरह सम्मान देती है।

इस योजना के तहत अब तक हजारों बुजुर्ग अयोध्या में रामलला, वाराणसी में काशी विश्वनाथ, द्वारकाधीश, जगन्नाथ पुरी, तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, शिर्डी साईं बाबा, रामेश्वरम और अमृतसर जैसे तीर्थों के दर्शन कर चुके हैं। इस साल की सूची में कर्नाटक के श्रवणबेलगोला को भी शामिल किया गया है।

क्यों खास है श्रवणबेलगोला तीर्थ? जानिए इसका इतिहास

बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर श्रवणबेलगोला इतना प्रसिद्ध क्यों है। यह सिर्फ एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और वास्तुकला का अद्भुत संगम है।

श्रवणबेलगोला कर्नाटक के हासन जिले में स्थित है। यह स्थान जैन धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। यहाँ दो पहाड़ियां हैं - विंध्यगिरि और चंद्रगिरि। विंध्यगिरि पहाड़ी पर भगवान बाहुबली यानी गोमतेश्वर की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा 57 फीट ऊंची है और एक ही विशाल पत्थर को काटकर बनाई गई है। यह दुनिया की सबसे बड़ी एकाश्म (Monolithic) प्रतिमा है।

इस प्रतिमा का निर्माण 981 ईस्वी में गंग साम्राज्य के मंत्री और सेनापति चामुंडराय ने करवाया था। जैन ग्रंथों के अनुसार, बाहुबली पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभनाथ के पुत्र थे, जिन्होंने घोर तपस्या कर मोक्ष प्राप्त किया था।

यहाँ हर 12 वर्ष में महामस्तकाभिषेक उत्सव होता है, जिसे देखने के लिए दुनिया भर से करोड़ों लोग आते हैं। इस दौरान भगवान बाहुबली की प्रतिमा को जल, गन्ने के रस, दूध, केसर और सोने-चांदी के सिक्कों से अभिषेक किया जाता है। यह दृश्य अत्यंत अलौकिक होता है।

हिन्दू धर्म के लोगों के लिए भी यह स्थान ज्ञान और त्याग का प्रतीक है। इसलिए सरकार ने सभी वर्गों के बुजुर्गों को इस अलौकिक दृश्य के दर्शन कराने का निर्णय लिया है।

Collector Usha Parmar, MP Teerth Yatra Yojana

पन्ना जिले में आवेदन से लेकर चयन तक की पूरी कहानी

पन्ना जिले में इस यात्रा को लेकर पिछले एक महीने से तैयारी चल रही थी। जिला प्रशासन ने समस्त जनपद पंचायतों और नगर पालिकाओं के माध्यम से इस योजना का प्रचार-प्रसार किया था।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक बुजुर्गों से https://teerthdarshan.mp.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। आवेदन के लिए आयु प्रमाण पत्र, समग्र आईडी, आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य था। साथ ही आवेदक का आयकर दाता नहीं होना और पहले इस योजना का लाभ न लेना भी शर्त थी।

आवेदन की अंतिम तिथि तक जिले भर से कुल 121 आवेदन प्राप्त हुए।

विकासखंड वार आंकड़े:

पन्ना विकासखंड से सबसे ज्यादा 62 आवेदन आए, जो दर्शाता है कि जिला मुख्यालय के बुजुर्गों में इस योजना को लेकर सबसे ज्यादा जागरूकता है। दूसरे नंबर पर देवेन्द्रनगर रहा, जहां से 36 आवेदन मिले। अमानगंज से 15, अजयगढ़ से 6 और सबसे कम गुनौर से सिर्फ 2 आवेदन प्राप्त हुए।

चूंकि सरकार ने पन्ना जिले के लिए 113 सीटें आवंटित की थीं और आवेदन 121 थे, इसलिए लॉटरी निकालना अनिवार्य हो गया था।

लॉटरी की प्रक्रिया कैसे हुई? पारदर्शिता का रखा गया ध्यान

बुधवार को कलेक्टर सभागार में सुबह 11 बजे से लॉटरी की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान कलेक्टर ऊषा परमार, अपर कलेक्टर, सभी SDM, जिला पंचायत CEO और बड़ी संख्या में बुजुर्ग आवेदक मौजूद थे।

जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी वैष्णवी शुक्ला ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित है। सबसे पहले सभी 121 आवेदकों का डाटा एक एक्सेल शीट में तैयार किया गया। फिर NIC के रेण्डमाईजेशन टूल में इस डाटा को अपलोड किया गया। टूल ने अपने आप बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 113 नामों का चयन कर लिया।

यह प्रक्रिया बड़े प्रोजेक्टर पर लाइव दिखाई गई, ताकि किसी को कोई शंका न रहे। चयनित 113 लोगों की सूची तुरंत कलेक्टर कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी गई और जिला पंचायत की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी गई है। जिन 8 लोगों का चयन नहीं हुआ है, उन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। यदि चयनित 113 में से कोई स्वास्थ्य कारणों से या अन्य कारणों से यात्रा पर नहीं जा पाता है, तो प्रतीक्षा सूची वाले बुजुर्गों को मौका दिया जाएगा।

कलेक्टर ऊषा परमार ने कहा, "हमारी कोशिश है कि हर पात्र बुजुर्ग को इस योजना का लाभ मिले। लॉटरी प्रणाली से चयन पूरी तरह निष्पक्ष हुआ है। यात्रा के दौरान बुजुर्गों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।"

चयनित यात्रियों को अब क्या करना होगा?

यदि आपका नाम भी इस 113 लोगों की सूची में है, तो आपको जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही फोन पर सूचना दी जाएगी। इसके बाद आपको निम्नलिखित तैयारी करनी होगी:

1. स्वास्थ्य परीक्षण: यात्रा पर जाने से पहले सभी यात्रियों का जिला अस्पताल में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय की जांच होगी। यदि कोई बुजुर्ग यात्रा के लिए पूरी तरह फिट नहीं पाया जाता है, तो डॉक्टर की सलाह पर उसका नाम निरस्त किया जा सकता है।

2. दस्तावेज: यात्रा के समय सभी यात्रियों को अपना आधार कार्ड, समग्र आईडी और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी साथ रखनी होगी।

3. यात्रा की व्यवस्था: पन्ना से सभी यात्रियों को विशेष बस से जबलपुर या भोपाल रेलवे स्टेशन ले जाया जाएगा, जहां से विशेष तीर्थ दर्शन ट्रेन उन्हें सीधे श्रवणबेलगोला ले जाएगी।

प्रशासन ने अपील की है कि बुजुर्ग यात्रा के दौरान ज्यादा सामान साथ न ले जाएं और अपने साथ केवल जरूरी दवाइयां और कपड़े ही रखें।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, पन्ना जिले में श्रवणबेलगोला तीर्थ यात्रा के लिए लॉटरी का सफल आयोजन यह साबित करता है कि सरकार की योजनाएं अब जमीन पर ईमानदारी से उतर रही हैं। तकनीक के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो गई है और हर गरीब बुजुर्ग को भी तीर्थ यात्रा करने का समान अवसर मिल रहा है। 113 चयनित यात्रियों की यह यात्रा न केवल उनके लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।


हमारी टीम का विशेष आभार

संवाददाता: अजयगढ़, पन्ना से राजकुमार प्रजापति की विशेष रिपोर्ट।
लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)


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