जनविश्वास शिविर टीकमगढ़: 43 आवेदनों पर सुनवाई और 105 राजस्व अभिलेख सुधार प्रकरणों का निराकरण

जनविश्वास शिविर टीकमगढ़ 43 आवेदन सुनवाई

जनविश्वास शिविर टीकमगढ़: 43 आवेदनों पर हुई जनसुनवाई, 105 राजस्व अभिलेख सुधार प्रकरणों का मौके पर निराकरण, प्रशासन ने जीता जनता का विश्वास

Tikamgarh News: टीकमगढ़ जिले से हमारे संवाददाता ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान ने टीकमगढ़ जिले में प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। इसी अभियान के अंतर्गत आज टीकमगढ़ विकासखंड मुख्यालय पर एक वृहद जनविश्वास शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि आम जनता की समस्याओं को उनके दरवाजे पर ही सुनने और उनका त्वरित निराकरण करने की शासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक था।

इस महत्वपूर्ण शिविर की संयुक्त अध्यक्षता सागर संभाग के संभागायुक्त श्री दिलीप कुमार, टीकमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता सिंह और जिले के कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय द्वारा की गई। शिविर में जिला प्रशासन के सभी प्रमुख विभागों - राजस्व, पंचायत, महिला एवं बाल विकास, उद्योग, उद्यानिकी, श्रम, नगर पालिका और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

शिविर में क्या-क्या हुआ? मुख्य आंकड़े

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस शिविर में दो तरह के बड़े काम हुए। पहला, जनता की शिकायतों की सुनवाई और दूसरा, रोजगार और विकास से जुड़े मामलों का निराकरण।

शिविर में आमजन से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों के कुल *43 गंभीर आवेदनों पर विस्तार से सुनवाई की गई।* ये आवेदन काफी समय से लंबित थे और लोग इनके समाधान के लिए परेशान हो रहे थे। वहीं, दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि राजस्व विभाग के क्षेत्र में रही। राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से संबंधित कुल *105 प्रकरणों का निराकरण मौके पर ही* कर दिया गया। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

अक्सर देखा जाता है कि जमीन से जुड़े छोटे-छोटे सुधारों के लिए किसानों को महीनों तक तहसील और पटवारी के चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन इस शिविर में आवेदकों को न केवल उनके प्रकरणों का निराकरण मिला, बल्कि सुधरे हुए दस्तावेज जैसे खसरा, खतौनी और नक्शे की प्रतिलिपि भी हाथों-हाथ उपलब्ध कराई गई। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी।

शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं। इनमें मुख्य रूप से राजस्व अभिलेख सुधार, भूमि संबंधी विवाद, गरीबी रेखा (बीपीएल) सूची में नाम जोड़ना, संबल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), सड़क निर्माण एवं मरम्मत, पेंशन योजना, राशन कार्ड और नल-जल योजना से संबंधित आवेदन प्रमुख थे।

कमिश्नर और कलेक्टर ने किया सीधा संवाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

इस जनविश्वास शिविर की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसमें कोई औपचारिक भाषणबाजी नहीं हुई। संभागायुक्त श्री दिलीप कुमार और कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मंच से नीचे उतरकर आम नागरिकों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने हर आवेदक से एक-एक करके बात की और उनकी समस्या की जड़ को समझने की कोशिश की।

संभागायुक्त श्री दिलीप कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी 43 आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण किया जाए और पात्रता के आधार पर प्राथमिकता से 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व विभाग के 105 प्रकरणों का निराकरण एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन जिले में अभी भी हजारों ऐसे मामले लंबित हैं। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इसी तरह के छोटे शिविर लगाकर राजस्व मामलों को तेजी से निपटाएं।

रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा: 15 हितग्राहियों को मिले स्वीकृति पत्र

यह शिविर केवल शिकायत निवारण तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसे रोजगार मेले के रूप में भी देखा गया। शिविर के दौरान संभागायुक्त ने जिले के 5 सफल और उभरते हुए उद्यमियों से विशेष संवाद किया। इन उद्यमियों में श्री रजनीश बिहारी मिश्रा, श्री अमित भास्कर, श्री विवेक कुमार गुप्ता, श्रीमती ज्योति सिंह एवं श्री ओमप्रकाश मिश्रा शामिल थे।

संभागायुक्त ने उनसे उनके व्यवसाय की वर्तमान स्थिति, मार्केट की चुनौतियों, कच्चे माल की उपलब्धता और शासन से उनकी अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की। उद्यमियों ने बताया कि उन्हें औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी और सड़क की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस पर संभागायुक्त ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुनौरा-खिरिया औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित भूखंडों पर जहां-जहां अतिक्रमण है, उसे 7 दिनों के अंदर हटाया जाए और उद्यमियों की सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए।

इसी अवसर पर विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत कुल 15 पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। यह उन युवाओं के लिए एक नई उम्मीद है जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। 

जिन योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र दिए गए, उनका विवरण इस प्रकार है:

1. मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना: यह मध्य प्रदेश सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। इस योजना के तहत विनिर्माण इकाई के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपये तक और सेवा क्षेत्र के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपये तक का लोन बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। इसमें सरकार द्वारा 3% ब्याज अनुदान और बैंक गारंटी भी दी जाती है।

2. पीएमएफएमई योजना (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना): यह योजना भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है। इसका लाभ उन छोटे किसानों और उद्यमियों को मिलता है जो खाद्य प्रसंस्करण जैसे अचार, पापड़, आटा, मसाला आदि का काम करते हैं। इसमें 35% तक की सब्सिडी और व्यवसाय को बड़ा करने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाती है।

3. पीएम विश्वकर्मा योजना: हमारे देश के पारंपरिक कारीगरों को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा यह योजना शुरू की गई है। इसमें 18 तरह के पारंपरिक व्यवसाय जैसे बढ़ई, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, डलिया, चटाई, झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया और खिलौना बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने वाले शामिल हैं। इस योजना में कारीगरों को 5% ब्याज पर 3 लाख रुपये तक का लोन, 15,000 रुपये का टूलकिट और स्किल ट्रेनिंग के दौरान हर दिन 500 रुपये का भत्ता दिया जाता है।

4. पीएम स्वनिधि योजना: कोरोना काल में शुरू की गई यह योजना आज भी लाखों छोटे दुकानदारों के लिए वरदान बनी हुई है। इस योजना के तहत सड़क पर रेहड़ी-पटरी लगाकर सामान बेचने वाले छोटे विक्रेताओं को बिना किसी गारंटी के 10,000 से 50,000 रुपये तक का लोन दिया जाता है।

संभागायुक्त ने कहा कि शासन का लक्ष्य है कि टीकमगढ़ जिले के अधिक से अधिक युवाओं को इन योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाया जाए।

डिजिटल युग में नई पहल: इंफ्लूएंसर्स से संवाद

शिविर में प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए जिले के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स को भी आमंत्रित किया। कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने जिले के तीन युवा इंफ्लूएंसर्स - श्री अमन सोनी, श्री मयूर तिवारी एवं सुश्री अदिति मिश्रा से अलग से मुलाकात की।

कलेक्टर ने उनके द्वारा इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर बनाए जा रहे कंटेंट को देखा और उनके काम की सराहना की। उन्होंने इंफ्लूएंसर्स को एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आपके पास हजारों युवाओं तक पहुंचने की ताकत है। आप केवल एंटरटेनमेंट तक सीमित न रहें, बल्कि अपने प्लेटफॉर्म का उपयोग समाजहित, जनजागरूकता, सरकारी योजनाओं का प्रचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे सकारात्मक और ज्ञानवर्धक विषयों पर भी करें। इससे न केवल समाज में जागरूकता आएगी, बल्कि युवाओं को सही दिशा भी मिलेगी। इंफ्लूएंसर्स ने भी इस पर सहमति जताई और प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का आश्वासन दिया।

टीकमगढ़ में 105 राजस्व प्रकरणों का निराकरण

जनविश्वास अभियान का उद्देश्य क्या है?

अक्सर आम नागरिकों के मन में सवाल आता है कि आखिर यह जनविश्वास अभियान है क्या? जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता सिंह ने इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का एक ही उद्देश्य है - 

नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ सहज, सुगम एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना।

पहले लोगों को एक छोटे से प्रमाण पत्र के लिए भी जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब अधिकारी खुद उनके गांव और विकासखंड में आ रहे हैं। इससे न केवल आम आदमी के समय और पैसे की बचत हो रही है, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद भी स्थापित हो रहा है। जब अधिकारी सीधे जनता से मिलते हैं, तो उन्हें जमीनी हकीकत का पता चलता है और योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है।

निष्कर्ष: जनता में लौटा प्रशासन के प्रति विश्वास

कुल मिलाकर देखा जाए तो टीकमगढ़ विकासखंड में आयोजित यह जनविश्वास शिविर पूरी तरह से सफल रहा। 105 राजस्व प्रकरणों का मौके पर निराकरण, 43 आवेदनों पर सुनवाई और 15 बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना इस शिविर की बड़ी उपलब्धि है। ऐसे शिविरों के आयोजन से निश्चित रूप से आम जनता का प्रशासन और शासन के प्रति विश्वास बढ़ेगा और शासन की योजनाएं अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच पाएंगी। जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य विकासखंडों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे।


हमारी टीम का विशेष आभार

लेखक / संपादक: राजेश कुमार पटेल (पन्ना, मध्य प्रदेश)
प्रकाशक: आपका न्यूज़ स्टार (पन्ना, मध्य प्रदेश)



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